विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट गुरुवार नौ मई को तीर्थयात्रियों के लिए खुल जाएंगे। तो चलिए जानते हैं कि बाबा केदार के धाम में ऐसे क्या चमत्कार हुए जो तीर्थयात्रियों को बरबस ही अपनी ओर खींचते हैं।
केदारनाथ मंदिर श्री केदारनाथ द्वादश ज्योतिर्लिगों में से एक माना जाता है। मंदिर 3593 फीट की ऊंचाई पर बना हुआ है। इतनी ऊंचाई पर इस मंदिर को कैसे बनाया गया, यह आज भी चमत्कार माना जाता है। इसकी कल्पना आज भी नहीं की जा सकती है।
साल 2013 में आई आपदा के दौरान सबसे बड़ा चमत्कार देखने को मिला। कहा जाता है कि जिस वक्त जल प्रलय आई और तीर्थयात्रियों समेत वहां की एक-एक चीज को बहा ले गई उस वक्त बाबा के मंदिर में खंरोच भी नहीं आई। एक बड़ी चट्टान मंदिर के पीछे उस पानी के साथ आई और मंदिर के थोड़ी सी पीछे रुक गई। ये सब कैसे हुआ इसे लोग चमत्कार ही मानते हैं।
साल 2017 में कपाट बंद होने के मौके पर गर्भगृह के कपाट बंद करने में खासी दिक्कतें हुई। दरवाजों पर चांदी का काम होने के कारण दरवाजों के कुंडे नहीं लग सके। लेकिन तभी वहां क्षेत्रपाल भकुंड भैरव का आह्वान किया गया। वहां देवता द्वारा कुंडे को स्पर्श करते ही वह दूसरे कुंडे पर जुड़ गया। देखने वाले इसे चमत्कार से कम नहीं मानते हैं।
साल 2018 में केदारनाथ में बर्फबारी के बाद अद्भुत नजारा देखने को मिला। वहां जून के महीने में वहां ब्रह्मकमल खिल गया। वैसे यह पुष्प जुलाई-अगस्त में खिलता है। केदारनाथ के कपाट खुलने के मौके पर ब्रह्मकमल से ही उनका पूजन होता है। इतना ही नहीं ब्रह्मवाटिका में बर्फबारी से खुद ही ओम की आकृति बन गई। इसे देखकर सब लोग हैरान रह गए।