उत्तराखंड विधानसभा में इन पिता और पुत्र ने एक साथ शपथ लेकर इतिहास रचा। बेटे के साथ शपथ लेने वाले कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य की खुशी का ठिकाना नहीं था।
उत्तराखंड विधानसभा में आकर्षण का केंद्र रही पिता-पुत्र की ये जोड़ी
उनके खुशी की वजह थे उनके बेटे संजीव आर्य जिन्होंने विधानसभा में उनके साथ विधान सभा सदस्य की शपथ ग्रहण की। पिता-पुत्र की ये जोड़ी सदन में आकर्षण का केंद्र बनी रही। उत्साह से लबरेज बेटे संजीव के हाथों में हाथ डाले यशपाल आर्य जब विधानमंडल दीर्घा में पहुंचे तो पिता-पुत्र की इस जोड़ी पर हर कोई रश्क कर रहा था।
उत्तराखंड की विधानसभा के इतिहास में पहली बार पिता और पुत्र सदन में निर्वाचित होकर पहुंचे। प्रोटेम स्पीकर हरबंस कपूर ने जब संजीव आर्य का नाम पुकारा तो सदन में बैठे उनके पिता यशपाल आर्य की निगाहें उन पर टिक गई। जब तक बेटे ने शपथ नहीं ले ली उनकी आंखें उधर ही ताकती रही।
शपथग्रहण का कार्यक्रम संपन्न होने के साथ पिता-पुत्र विधानमंडल भवन की दीर्घा में साथ-साथ बाहर आये तो मीडियाकर्मियों ने उन्हें घेर लिया। पहला प्रश्न पुत्र को विधानसभा में साथ बैठे देखने के अनुभव से जुड़ा था, जिसके जवाब उन्होंने कहा, ये उनकी जिंदगी का सबसे गौरवपूर्ण क्षण हैं।
एक पिता के लिये इससे गौरव की बात कोई और हो ही नहीं सकती। उन्हें पूरा भरोसा है कि राजनीति के क्षेत्र में उनका बेटा उनसे बेहतर और बड़े मुकाम हासिल करेगा। पिता की हौसलाअफजाई से उत्साहित बेटे संजीव आर्य के लिये भी आज की दिन अविस्मरणीय है। वह कहते हैं,‘ राजनीतिक उन्हें बेशक विरासत में मिली है, मगर उनके सामने पिता की विराट छाया से बाहर निकल कर अपनी अलग छवि बनाने की भी चुनौती है। ये वह अपने चुनाव क्षेत्र की जनता की सेवा करके ही हासिल कर सकते हैं।