उत्तराखंड के गढ़वाल में सोमवार को हुई तीन सड़क दुर्घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गई और दस लोग घायल हो गए। गोपेश्वर में बारात की बोलेरो के खाई में गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। पौड़ी जिले के सतपुली क्षेत्र में एक कार के दुर्घटनाग्रस्त होने से उसमें सवार दो लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। उत्तरकाशी जिले में सड़क निर्माण में लगी जेसीबी के खाई में गिरने से मशीन आपरेटर की जान चली गई और सहायक आपरेटर गंभीर रूप से घायल हो गया।
घाट ब्लाक के मटई गांव से बारातियों को लेकर गोपेश्वर आ रही बोलेरो दोपहर दो बजे बाईपास मार्ग पर वृद्धा आश्रम के पास मोड़ काटते वक्त स्टेयरिंग लॉक होने से करीब 50 मीटर नीचे गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में वाहन में सवार देवी प्रसाद नौटियाल (62) और राय सिंह (72) दोनों निवासी मटई की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गजपाल सिंह (70) निवासी मटई ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। तीन गंभीर घायलों तीन वर्षीय बच्ची आलिया, चालक देवी प्रसाद और दिनेश सिंह को हेलीकॉप्टर से ऋषिकेश एम्स में भर्ती कराया गया है, जबकि बलवीर सिंह, जयेंद्र सिंह, सूरज, शंभू प्रसाद, मनोज नौटियाल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गोपेश्वर के थानाध्यक्ष दीपक रावत ने बताया कि चालक ने मोड़ काटते वक्त स्टेयरिंग लॉक होना दुर्घटना की वजह बताया है। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि गंभीर घायलों के लिए शासन से तत्काल हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की मांग की गई, जिसके बाद शाम पांच बजे तीनों घायलों को एम्स अस्पताल ऋषिकेश के लिए रेफर कर दिया गया।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर गूमखाल से सतपुली के बीच कुल्हाड़ बैंड हादसों का सबब बन गया है। कोटद्वार से सतपुली आ रही कार दोपहर दो बजे कुल्हाड़ बैंड के निकट अनियंत्रित होकर लगभग 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। दुर्घटना में ग्राम बांझकोट तहसील चाकीसैंण निवासी विक्रम सिंह (43) पुत्र देव सिंह और ग्राम धूलेत तहसील चाकीसैंण निवासी बलवंत सिंह (40) पुत्र केसर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ग्राम बांझकोट तहसील चाकीसैंण निवासी शेखर (45) पुत्र देव सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल को स्थानीय ग्रामीणों की मदद से खाई से निकालकर सड़क पर लाया गया। पुलिस ने 108 एंबुलेंस की मदद से उसे कोटद्वार बेस चिकित्सालय में भर्ती कराया। थाना प्रभारी सतपुली जितेंद्र चौहान ने बताया कि जहां पर हादसा हुआ, वहां तीव्र मोड़ है। हादसे के कारणों का पता नहीं चल सका है। मामले की जांच की जा रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर गूमखाल से सतपुली के बीच कुल्हाड़ बैंड हादसों का सबब बनता जा रहा है। इससे पहले भी कुल्हाड़ बैंड में पिछले साल 15 जून को दिल्ली से कुंणजखाल-संगलाकोटी जा रही एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। तब दंपति समेत तीन की मौत हो गई थी, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए थे।