गोवा के मुख्यमंत्री और पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर परिकर के निधन के साथ ही उत्तराखंड से किया उनका वादा और उनकी इच्छा भी अधूरी रह गई। परिकर ने उत्तराखंड में बतौर रक्षा मंत्री शौर्य स्थल का शिलान्यास किया था। तब उन्होंने उद्घाटन कार्यक्रम में भी आने का वादा किया था। लेकिन उनके चिरनिद्रा में लीन होने के साथ ही यह वादा अब कभी पूरा नहीं हो सकेगा।
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देहरादून में मनोहर पारिकर
- फोटो : अमर उजाला
देहरादून के चीड़बाग में बन रहे शौर्य स्थल की शुरूआत का श्रेय मनोहर परिकर को ही जाता है। उनके प्रयासों से ही शौर्य स्थल का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। शौर्य स्थल के अध्यक्ष व पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय के अनुसार परिकर के प्रयासों के बिना इसका निर्माण बिल्कुल संभव नहीं था।
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देहरादून में मनोहर पारिकर
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उन्होंने व्यक्तिगत रूप से दिलचस्पी लेते हुए शौर्य स्थल के निर्माण में रक्षा मंत्रालय और केंद्र सरकार के स्तर से आ रही बाधाओं को दूर करने का प्रयास किया। उनके प्रयासों का ही नतीजा रहा कि सभी स्तरों पर निर्माण को मंजूरी मिली और काम शुरू हो पाया।
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देहरादून में मनोहर पारिकर
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पहले उन्हें शौर्य स्थल के शिलान्यास के लिए 20 अगस्त 2015 को आना था। कार्यक्रम मंजूर कर अन्य तैयारियां होने लगी। लेकिन किसी कारणवश वे नहीं आ पाए। इसके बाद 20 अप्रैल 2016 को उन्होंने एक भव्य कार्यक्रम में चीड़बाग स्थित शौर्य स्थल का शिलान्यास किया था।
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देहरादून में मनोहर पारिकर
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शिलान्यास करते हुए उन्होंने कहा था ‘प्रदेश के पूर्व सैनिक संगठन पिछले 36 वर्षों से शौर्य स्थल के निर्माण की मांग कर रहे थे। बतौर रक्षा मंत्री मुझे उस मांग को पूरा करने का अवसर मिला है। आज मैं वार मेमोरियल का शिलान्यास करते हुए खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।