फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

नरेंद्र गिरि केस: प्रयाग में गद्दी गई तो हरिद्वार बना आनंद का ठिकाना, गुरु से मतभेद रखने वाले संतों से बढ़ाई थीं नजदीकियां 

Wed, 22 Sep 2021 11:46 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 22 Sep 2021 11:46 PM IST
विज्ञापन
Mahant Narendra Giri Death Case: Anand giri Tried to Settle in Haridwar and make contact to Narendra Giri Enemy
श्रीमहंत नरेंद्र गिरि के साथ आनंद गिरि - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

प्रतिद्वंद्विता और एक-दूसरे का विरोध महज राजनीति में ही नहीं होता है। मठ-मंदिर, आश्रम और अखाड़े भी राजनीति के किले हैं। इनमें गद्दी और संपत्ति ही नहीं बल्कि वजूद की लड़ाई भी है। इसके लिए संत-महंतों में खींचतान, मनभेद और मतभेद चलते आए हैं। 



हरिद्वार: ...तो क्या आनंद गिरि के आश्रम में छिपे हैं महंत नरेंद्र गिरि की मौत के राज, कई सेवक हुए फरार

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ब्रह्मलीन श्रीमहंत नरेंद्र गिरि से भी कुछ संतों के वैचारिक मतभेद थे। नरेंद्र गिरि के शिष्य संत आनंद गिरि ने गुरु से अलग होने के बाद उनसे नाराज संतों की शरण में पहुंचकर अपनी ताकत बढ़ाई। युवा भारत साधु समाज का अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहचान का दायरा भी बढ़ा लिया।

श्रीमहंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और कथित सुसाइड नोट में शिष्य संत आनंद गिरि फंस गए हैं। आनंद गिरि कभी नरेंद्र गिरि के सबसे प्रिय शिष्य थे। प्रयागराज स्थित लेटे हनुमान मंदिर के गद्दी के महंत थे। लेकिन इसी साल मई में गुरु-शिष्य के बीच विवाद और आरोप-प्रयारोप लगे। कुछ दिनों बाद गुरु-शिष्य में सुलह भी हो गई।

लेकिन शिष्य ने गुरु से दूरियां बनाकर हरिद्वार को अपना ठिकाना बना लिया। कांगड़ी गाजीवाला में संत आनंद का आश्रम बन रहा है। आनंद गिरि हरिद्वार के मठ-मंदिर, आश्रम-अखाड़ों की राजनीति से भलीभांति परिचित हैं।

Mahant Narendra Giri Death Case: Anand giri Tried to Settle in Haridwar and make contact to Narendra Giri Enemy
आनंद गिरि का आश्रम - फोटो : अमर उजाला

अपने गुरु के शुभचिंतकों से लेकर वैचारिक मतभेद वाले संतों को भी बखूबी पहचानते हैं। बताते हैं कि आनंद गिरि ने नरेंद्र गिरि से मनभेद और मतभेद रखने वाले संतों की शरण में जाकर खुद को हरिद्वार में स्थापित करने के लिए अपनी ताकत बढ़ाई। तीन महीने पहले ही युवा भारत साधु समाज से भी जुड़े। संस्था के संतों को आश्वासन दिया कि वह देश-विदेश के सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार कर युवा साधुओं को जोड़ने का काम करेंगे।

Mahant Narendra Giri Death Case: Anand giri Tried to Settle in Haridwar and make contact to Narendra Giri Enemy
आनंद गिरि - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

आनंद गिरि फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते हैं। हरिद्वार में उनकी सक्रियता को देखते हुए युवा साधु समाज के अध्यक्ष महंत स्वामी शिवानंद ने आनंद गिरि को अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया। हालांकि, नरेंद्र गिरि की मौत के बाद पुलिस गिरफ्त में आने से आनंद गिरि की साधु समाज के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष पद की कुर्सी चली गई।

विज्ञापन
विज्ञापन
Mahant Narendra Giri Death Case: Anand giri Tried to Settle in Haridwar and make contact to Narendra Giri Enemy
कुंभ में स्नान करते आनंद गिरि - फोटो : अमर उजाला

वहीं, कुंभ मेले के दौरान आनंद गिरि के परिवार के हरिद्वार आने की बात सामने आई थी। जिसके बाद गुरु नरेंद्र गिरि ने उन्हें लेटे हनुमान मंदिर की गद्दी से हटा दिया था। श्री निरंजनी अखाड़े ने भी निष्कासित कर दिया था। गुरु की मौत के बाद शिष्य की गिरफ्तारी से पुलिस भी आनंद गिरि के परिवार की भी खोजबीन शुरू कर दी है।  

विज्ञापन
Mahant Narendra Giri Death Case: Anand giri Tried to Settle in Haridwar and make contact to Narendra Giri Enemy
महंत नरेंद्र गिरि - फोटो : फाइल फोटो

महंत नरेंद्र गिरि ने आनंद गिरि पर संन्यास परंपरा का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने आरोप लगाया था कि आनंद गिरि का परिवार कुंभ मेले में आया है। वह अपने परिवार से लगातार संबंध बनाए हैं। आनंद गिरि इस मामले में चुप्पी साध गए थे।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed