रसोई गैस उपभोक्ता हैं तो ध्यान से पढ़े यह खबर। यह जानकारी आपके बहुत काम आएगी।
आपके LPG सिलेंडर से अब इस तरह हो रही गैस चोरी, जानना नहीं चाहेंगे कैसे?
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रसोई गैस सिलेंडरों पर होलोग्राम लगी टेंपर एविडेंट सील भी कालाबाजारी करने वालों को रोक नहीं पा रही। बीते शुक्रवार को जिला आपूर्ति अधिकारी के निरिक्षण के दौरान यह सच सामने आया। जब अनुराग गैस एजेंसी की गाड़ी में लदे सिलेंडरों में टेंपर एविडंट सील लगी होने के बाद भी सिलेंडरों में दो-दो किलो गैस कम मिली। जिस पर कार्यवाई करते हुए आपूर्ति विभाग ने तेल कंपनियों को पत्र भजकर उचित जांच की मांग की।
बता दे कि बता दें कि दून में सालों से रसोई गैस में अवैध रिफि लिंग का धंधा जोरों पर चल रहा है। गैस एजेंसियों व डिलीवरी मैन की मिलीभगत से सीधे एजेंसियों से गैस धंधे बाजों के पास पहुंचती है और वहां से एक-एक सिलेंडर से डेढ़ से दो-दो किलो गैस निकाल कर उपभोक्ताओं तक पहुचती है।
इस संबंध में उपभोक्ताओं की ओर से सैकड़ों पर बार आपूर्ति विभाग, तेल कंपनी व शासन को शिकायत हो चुकी है। लेकिन तेल कंपनी ने इस समस्या के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई है। हां कुछ दिन पूर्व शासन ने इस मामले में इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम व भारत पेट्रोलियम कंपनियों के अधिकारियों को पत्र लिखते हुए सिलेंडरों पर टेंपर प्रूफ सील लगाने के निर्देश दिए थे, जिससे कि गैस की कालाबाजारी पर अंकुश लगाया जा सके।
इसके बाद तीन माह पूर्व तेल कंपनियों ने सिलेंडरों से नार्मल सील को हटाते हुए उसके स्थान पर होलोग्राम लगी एविडेंट सील लगाकर सिलेंडर भेजने शुरू किए। तब उपभोक्ताओं ने उम्मीद लगाई कि शायद अब उन्हें गैस की कालाबाजारी से निजात मिलेगी, लेकिन धंधे बाजों ने इसका भी तोड़ निकाल लिया। वजह ये है कि यह सील आसानी से उपर उठ जाती है। जिससे आराम से गैस निकाली जा सकती है। इसी का परिणाम है कि बीते शुक्रवार को मिली अनुराग गैस की गाड़ी में सिलेंडरों से गैस कम मिली। स्थिति ये है कि यदि कंपनी ने सिलेंडरों पर टेंपर प्रूफ सील नहीं लगाई तो कालाबाजारी का ये धंधा ऐसे ही पनपता रहेगा।