11 अप्रैल को होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर उत्तराखंड से पोलिंग पार्टियां मतदान केंद्रों के लिए रवाना हो गई हैं। लेकिन यहां तो ऐसे हालात हैं कि मतदान कर्मियों को बूथों तक पहुंचने के लिए नदी नाले लांघकर घोड़े और खच्चरों पर मशीने लेकर जाना पड़ा। तस्वीरें देखिए...
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नदे नाले पार कर मतदान केंद्र के लिए जाती पोलिंग पार्टी
- फोटो : अमर उजाला
कोटद्वार के पीजी कालेज से मंगलवार को कोटद्वार, यमकेश्वर और लैंसडौन विधानसभा क्षेत्र के दुर्गम मतदान केंद्रों के लिए 234 पोलिंग पार्टियों को सुरक्षा कर्मियों के साथ रवाना किया गया। इनमें कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र की एक, यमकेश्वर की 130 और लैंसडौन की 103 पोलिंग पार्टियां शामिल हैं। शेष 194 पोलिंग पार्टियां बुधवार सुबह रवाना की जाएंगी।
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नदे नाले पार कर मतदान केंद्र के लिए जाती पोलिंग पार्टी
- फोटो : अमर उजाला
लेकिन यमकेश्वर के शीला और उसके आस-पास के मतदान केंद्रों की डगर पोलिंग पार्टियों के लिए आसान नहीं थी। दुर्गम क्षेत्र होने के कारण यहां पोलिंग पार्टियों को घोड़े और खच्चरों का इंतजाम करना पड़ा। इससे उन्हें मतदान केंद्र पर पहुंचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
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नदे नाले पार कर मतदान केंद्र के लिए जाती पोलिंग पार्टी
- फोटो : अमर उजाला
महाविद्यालय में तीनों विधानसभा क्षेत्रों के लिए अलग से टेबल लगाई गई थी। पोलिंग पार्टियों को मतदान सामग्री के साथ ईवीएम और वीवीपैट मशीने दी गई। महाविद्यालय के खेल मैदान में लगे टेंट में अधिकारियों ने मतदान कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर पोस्टल बैलेट के काउंटर पर पांच मतदान कर्मचारियों ने डाक मत के जरिए मताधिकार का प्रयोग किया।
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मतदान केंद्रों के लिए रवाना होती पोलिंग पार्टी
- फोटो : अमर उजाला
मतदान के दो दिन पूर्व मंगलवार को सुबह दस बजे कोटद्वार विधानसभा के दूरस्थ क्षेत्र ढिकाला के लिए पोलिंग पार्टी रवाना की गई। इस पोलिंग पार्टी को यूपी होते हुए रवाना किया गया। विभिन्न पोलिंग बूथों के लिए उत्तराखंड पुलिस, होमगार्ड, हिमाचल पुलिस, सीआरपीएफ और एसडीआरएफ के जवानों को पोलिंग पार्टी के साथ जीएमओयू की बसों और अन्य वाहनों से रवाना किया गया।