उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत उनके मंत्रियों की विधानसभाओं में 2014 की तुलना में मतदान प्रतिशत गिर गया। पांच लोकसभा सीटों के सटीक आंकड़ों से ये तथ्य सामने आया है। मतदान प्रतिशत के आंकड़ों का विश्लेषण बता रहा है कि चुनाव के दौरान जिन विधानसभा क्षेत्रों में बागियों की पार्टी में वापसी कराई गई, वहां भी मतदान गत लोस चुनाव के मतदान प्रतिशत के आंकड़े को नहीं छू पाया।
चुनाव 2019: उत्तराखंड में मतदान के बाद भाजपा के क्षत्रपों के गढ़ से आए चौंकाने वाले आंकड़े
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भाजपा विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन और देशराज कर्णवाल के बीच चल रहे दंगल का अखाड़ा बने हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र में दोनों विधायकों के चुनाव क्षेत्र में मतदान प्रतिशत गत चुनाव की तुलना में कम रहा। राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत के चुनाव क्षेत्र श्रीनगर गढ़वाल में ही मतदान प्रतिशत में मामूली सुधार दिखा। अन्यथा प्रदेश सरकार के सभी मंत्रियों के हलकों में मतदान में गिरावट दर्ज हुई है।
| दिग्गज | पद | विस | 2014 | 2019 |
| त्रिवेंद्र सिंह रावत | मुख्यमंत्री | डोईवाला | 67.20 | 66.23 |
| सतपाल महाराज | कैबिनेट मंत्री | चौबट्टाखाल | 45.54 | 43.53 |
| प्रकाश पंत | कैबिनेट मंत्री | पिथौरागढ़ | 53.24 | 53.17 |
| हरक सिंह रावत | कैबिनेट मंत्री | कोटद्वार | 64.07 | 61.46 |
| मदन कौशिक | कैबिनेट मंत्री | हरिद्वार | 64.40 | 62.37 |
| यशपाल आर्या | कैबिनेट मंत्री | बाजपुर | 72.56 | 72.27 |
| सुबोध उनियाल | कैबिनेट मंत्री | नरेंद्रनगर | 54.34 | 54.07 |
| रेखा आर्या | राज्यमंत्री | सोमेश्वर | 57.67 | 51.40 |
| धन सिंह रावत | राज्यमंत्री | श्रीनगर | 52.03 | 53.01 |
| प्रेम चंद अग्रवाल | स्पीकर | ऋषिकेश | 63.47 | 61.12 |
लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने पार्टी से बगावत करने वाले केदारनाथ की पूर्व विधायक आशा नौटियाल, नरेंद्रनगर के ओम गोपाल रावत और रुड़की के पूर्व विधायक सुरेश चंद जैन की पार्टी वापसी कराई। इन तीनों पूर्व विधायकों का अपने-अपने चुनाव क्षेत्र में अच्छा खासा जनाधार है। इनके शामिल होने के बाद पार्टी ये मानकर चल रही थी कि उनके समर्थक भी भारी तादाद में मतदान करेंगे और मतदान प्रतिशत बढ़ेगा। लेकिन उनके चुनाव क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत कम हो गया। नरेंद्रनगर में 54.34 फीसदी के सापेक्ष 54.07 प्रतिशत, केदारनाथ में 57.23 प्रतिशत के सापेक्ष 53.17 प्रतिशत, रुड़की मे 64.93 के सापेक्ष 62.57 प्रतिशत पर सिमट गया।
एक-दूसरे के खिलाफ खुलकर हमला बोल रहे भाजपा विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन की खानपुर विधानसभा में 2014 में 76.51 फीसदी मतदान हुआ था। 2019 में ये घटकर 74.41 रह गया। इसी तरह देशराज कर्णवाल की झबरेड़ा विस में मतदान प्रतिशत 78.82 से गिरकर 75.45 रह गया। पांच लोकसभा सीटों पर कम मतदान के बावजूद भाजपा को कोई शक सुबह नहीं है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट का कहना है कि मतदान कम हो या ज्यादा, मतदाताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वोट दिया है। उनकी मानें तो भाजपा ने चुनाव को लेकर जबर्दस्त तैयारियां कीं, जिनका नतीजा यह है कि उसकी विचारधारा से प्रभावित होकर लोग बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों तक पहुंचे। लेकिन कांग्रेस ऐसा कर पाने में विफल रही।