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उम्र कैद की सजा काटकर आया शख्स फिर से जाना चाहता है जेल, पीछे है यह वजह

Tue, 06 Feb 2018 07:57 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 06 Feb 2018 07:57 AM IST
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life imprisonment prisoner wants to go jail again
pushkar dutt bhatt - फोटो : amar ujala

उम्र कैद की सजा काटकर जेल से रिहा हुआ यह शख्स फिर से जेल जाना चाहता है। पढ़िए पूरी खबर...


 

life imprisonment prisoner wants to go jail again
pushkar dutt bhatt - फोटो : amar ujala
पत्नी और बेटी की हत्या के मामले में उम्र कैद की सजा काटकर आया पुष्कर दत्त् भट्ट फिर से जेल जाना चाहता है। 15 अगस्त 2017 को पुष्कर को जेल से रिहा कर दिया गया था।

 
life imprisonment prisoner wants to go jail again
bastadi village after landslide in 2016
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में स्थित गांव बस्तड़ी रहने वाले पुष्कर दत्त 18 साल की सजा काटने के बाद गांव लौटा तो उनका गांव वीरान पड़ा था। बता दें कि 2016 आपदा में पिथौरागढ़ का बस्तड़ी गांव तबाह हो गया था। बादल फटने से यहां 21 लोग जिंदा दफन हो गए थे। 

 
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life imprisonment prisoner wants to go jail again
bastadi village
आपदा के बाद लोग गांव छोड़कर चले गए। उस गांव में अब केवल पुष्कर बचा है।  52 वर्षीय पुष्कर ने बताया कि उसका गांव भुतहा हो गया है। यहां तक कि उसका बेटा हिमांशु भी नहीं। हिमांशु आपदा में बच गया था। मगर, उसके बाद से वह गांव छोड़कर चला गया। कहां गया, इसका किसी को पता नहीं है। पुष्कर अपने बस्तड़ी गांव में 6 महीने से अकेले रह रहे हैं। 

 
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life imprisonment prisoner wants to go jail again
bastadi village after landslide in 2016
पुष्कर दत्त ने बताया कि इस बीच उनका अपने बेटे से कोई संपर्क नहीं हुआ। जेल से लौटा पुष्कर घर परिवार उजड़ने से हताश है, उसने मुआवजे के लिए प्रशासन के दर पर दस्तक दी। लेकिन सुनवाई नहीं हो पाई। अब उसने जिलाधिकारी से गुहार लगाई है कि, उसे वापस उधम सिंह नगर के सितारगंज जेल भेज दें, जहां उन्होंने अपनी जवानी के 20 साल गुजारे। वह कहते हैं कि जेल में कम से कम इंसान तो हैं, उनके गांव में तो सिर्फ भूत और यादें ही बची हैं। इस मामले में जिलाधिकारी ने बताया कि मुआवजा सूची में इनके परिवार का नाम तो था लेकिन छह माह तक कोई मुआवजा लेने नहीं आया। ऐसे में धनराशि शासन को वापस कर दी गई। अब मुआवजा मिल पाना मुश्किल है।
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