बारिश के बाद भूस्खलन होने से बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में दिनभर बाधित रहा, जिससे तीर्थयात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लामबगड़ में हाईवे देर शाम तक भी नहीं खुल पाया है। ऐसे में पुलिस प्रशासन ने बदरीनाथ जा रहे 203 तीर्थयात्रियों को पांडुकेश्वर और जोशीमठ में रोक लिया। वहीं 240 तीर्थयात्रियों को बदरीनाथ में ही रोका गया है।
PICS: बारिश के बाद बदरीनाथ हाईवे पर बोल्डर गिरने से बढ़ा खतरा, रास्ते में ही रोके 443 तीर्थयात्री
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शुक्रवार को हाईवे सुचारु होने पर तीर्थयात्रियों को गंतव्य को भेज दिया जाएगा। इससे पहले क्षेत्रपाल में भूस्खलन के कारण यहां आठ घंटे तक यात्रा वाहनों के पहिए थमे रहे। क्षेत्रपाल में सुबह छह बजे हाईवे बाधित हो गया था, जो दोपहर में दो बजे सुचारु हो पाया।बृहस्पतिवार को सुबह चार से छह बजे तक हुई भारी बारिश के कारण चट्टान से मलबा और बोल्डर आने से बदरीनाथ हाईवे क्षेत्रपाल, गडोरा, भीमतला और लामबगड़ में बंद रहा।
सुबह साढ़े छह बजे बारिश थमने के बाद एनएचआईडीसीएल (नेशनल हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड) और मेकाफेरी कंपनी की ओर से हाईवे खोलने का काम शुरू किया गया। क्षेत्रपाल में एनएचआईडीसीएल की ओर से दो जेसीबी लगाई गईं और दोपहर दो बजे हाईवे खोल दिया गया। इसी बीच गडोरा और भीमतला में भी मलबा हटाकर वाहनों की आवाजाही सुचारु कराई गई लेकिन लामबगड़ में हाईवे सुबह से बंद होने के कारण यात्रा वाहनों के पहिए थमे रहे।
देर शाम तक भी हाईवे के न खुलने से तीर्थयात्री परेशान रहे। डीएम स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि लामबगड़ में मौसम खराब होने और चट्टान से रुक-रुककर मलबा और पत्थर आने से वाहनों की आवाजाही बाधित है। मौसम सामान्य होने पर हाईवे को खोल दिया जाएगा। वहीं, ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे मुसीबत का सबब बना हुआ है। ऋषिकेश भद्रकाली से लेकर चंबा के बीच 60 किमी लंबे इस मार्ग पर लोग जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर है। ऑलवेदर परियोजना के तहत सड़क के चौड़ीकरण के लिए हुई खुदाई से पहाड़ियों से लगातार भूस्खलन हो रहा है। पिछले दो माह से हाईवे हर दिन अलग-अलग स्थानों पर बाधित हो रहा है।
चंबा से आगे चिन्यालीसौड़ तक हाईवे की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर भद्रकाली से टिहरी जिले की सीमा शुरू हो जाती है। भद्रकाली से सात किमी आगे औंणी बैंड से हाईवे पर सफर चुनौती भरा बना हुआ है। औंणी बैंड की ऊपरी सड़क के किनारे ऑलवेदर परियोजना का मलबा डंप करने के लिए डंपिंग जोन बनाया गया है। बारिश में डंपिंग जोन का मलबा बार-बार नीचे की सड़क पर आ रहा है, जिससे वहां हर दिन यातायात बाधित हो रहा है।