भगवान आशुतोष के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल केदारनाथ धाम के कपाट रविवार को प्रात: 6.10 बजे विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इस शुभ घड़ी का गवाह बनने के लिए शनिवार शाम तक करीब 10 हजार श्रद्धालु धाम पहुंच चुके थे।
खुल गए बाबा केदारनाथ के कपाट, मौजूद रहे10 हजार से ज्यादा श्रद्धालु
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मुख्य बाजार से होते हुए बाबा की डोली पैदल रास्ते से चीरबासा, जंगलचट्टी, भीमबली, रामबाड़ा, लिनचोली, छानी कैंप, रुद्रा प्वाइंट होते हुए दोपहर बाद केदारनाथ पहुंची। यहां बीकेटीसी, प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों/कर्मचारियों ने डोली का स्वागत किया। भक्तों ने डोली के दर्शन कर मनौतियां मांगी।
जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि कपाटोद्घाटन के मौके पर राज्यपाल डा. केके पाल मुख्य अतिथि होंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और अन्य गणमान्य लोगों के भी पहुंचने की उम्मीद है।
सोनप्रयाग और गौरीकुंड में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुंच चुकी है। यहां बायोमेट्रिक और घोड़ा खच्चर पंजीकरण काउंटर पर लंबी लाइन लगी हुई है। यात्रा व्यव्सथाओं को लेकर कमीश्नर दलीप जावलकर, जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल और पुलिस अधीक्षक पीएन मीणा भी पैदल मार्ग से यात्रा का जायजा लेते हुए धाम पहुंचे।
रविवार को भगवान केदारनाथ के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस पावन पल के साक्षी बनने के लिए शनिवार को सुबह सात बजे से ही सोनप्रयाग में श्रद्धालु बायोमेट्रिक पंजीकरण के लिए लंबी लाइन में लगने शुरू हो गए थे। प्रात: दस बजे तक सोनप्रयाग में 500 सौ से अधिक श्रद्धालुओं को बायोमेट्रिक पंजीकरण कर दिया गया था।
यहां से गौरीकुंड पहुंचने के लिए भी श्रद्धालुओं को काफी इंतजार करना पड़ रहा है। सोनप्रयाग बाजार से लेकर एक्रो पुल तक श्रद्धालुओं की टैक्सी में सवार होने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लगी हुई थी।
इधर, गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर सुबह से ही आवाजाही बनी हुई है। बच्चे, बुजुर्ग और जवान अपनी क्षमतानुसार पैदल, घोड़-खच्चर व डंडी कंडी से बाबा केदार के दर्शनों के लिए धाम पहुंचने के लिए उत्सुक नजर आए। जंगल चट्टी, भीमबली, लिनचौली में यात्रा को लेकर काफी दुकानें खुल गई है।
इन दुकानों में केदारघाटी व जनपद के युवा रोजगार प्राप्त कर रहे है। इधर, पैदल रास्ते से यात्रा का जायजा लेते हुए गढ़वाल आयुक्त दलीप जावलकर ने गौरीकुंड में जिलाधिकारी व पुलीस अधीक्षक से यात्रा तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि गौरीकुंड से दोपहर दो बजे बाद केदारनाथ के लिए यात्रियों को पैदल रास्ते से न जाने दिया जाए। साथ ही पूरे यात्रा मार्ग पर तत्परता से निगरानी की जाए।
केदारनाथ में इस बार यह होगा खास
-यात्रा के पहले हफ्ते में धाम में 5000 श्रद्धालुओं के रात्रि प्रवास की व्यवस्था
-जीएमवीएन की हट्स में ठहर सकेंगे वीआईपी और वीवीआईपी
-सोनप्रयाग और सीतापुर की पार्किंग में एक हजार वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था
-केदारनाथ यात्रा पर पहुंच रहे श्रद्धालु गौरीकुंड में अपने पितरों को दे सकेंगे तर्पण