करवा चौथ के दिन शादीशुदा महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। कहीं-कहीं कुवारी कन्याएं भी इस व्रत को करती हैं।
इस साल करवा चौथ 27 अक्टूबर यानी शनिवार को है। ज्योतिषाचार्य रमेश सेमवाल ने बताया कि कार्तिक कृष्ण चतुर्थी तिथि को करवाचौथ का व्रत किया जाता है। इस बार करवाचौथ पर शुक्र पश्चिम में अस्त रहेगा। शुक्र 16 अक्टूबर मंगलवार शाम 5 बजकर 53 मिनट पर अस्त होगा।
रमेश सेमवाल ने बताया कि इस वक्त शुभ कार्य वर्जित होते हैं। बता दें कि करवा चौथ में सास या ननद को सरगी और उपहार देने की प्रथा है। कहीं-कहीं पति-पत्नी आपस में भी उपहार देते हैं। शुक्र अस्त होने के कारण नव विवाहित महिलाएं और जिनकी सगाई हो गई है ऐसी युवतियां 16 अक्टूबर शाम 5 बजकर 53 मिनट से पहले ये उपहार खरीद सकती हैं।
फिर 27 अक्टूबर करवा चौथ का पूजन कर ये उपहार दे सकती हैं। इतना ही नहीं करवा चौथ का सामान भी महिलाएं 16 अक्टूबर से पहले खरीद लें। 27 अक्टूबर को चंद्र दर्शन रात करीब 8 बजकर 2 मिनट पर होंगे। शुक्र अस्त होने के कारण इस वर्ष करवाचौथ व्रत का उद्यापन नहीं होगा।
शुक्र अस्त के बाद उदय 1 नवंबर 2018 को होगा। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि इस साल करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त एक घंटे 20 मिनट का है। यानी शाम को 5.36 मिनट और 6.54 तक ही मुहूर्त है। करवा चौथ के दिन ही संकष्टी चतुर्थी भी है। संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश की आराधना के लिए सबसे उत्तम दिनों में से एक मानी जाती है।