कांवड़ मेला सकुशल संपन्न हो गया है। इस साल की कांवड़ यात्रा ने पिछले सभी सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। चार करोड़ 7 लाख कांवड़िये इस बार पहुंचे हैं। जबकि पिछले साल तीन करोड़ 80 लाख कांवड़िये हरिद्वार पहुंचे थे। अंतिम तीन दिनों में सबसे अधिक संख्या में डाक कांवड़ियों की भीड़ उमड़ी है।
46 लाख वाहनों से डाक कांवड़िए पहुंचे हैं। जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने मेला समापन पर पुलिस फोर्स, अफसरों और संगठनों का मेले में सहयोग के लिए आभार जताया।
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मेला नियंत्रण भवन में पत्रकारों से वार्ता करते हुए डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने कहा कि कांवड़ मेला सभी के सहयोग से शांतिपूर्वक संपन्न हो गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने टीम भावना के साथ मेले को संपन्न कराने में काम किया है। एक तरफ बाढ़ और दूसरी तरफ कांवड़ मेले के बीच पूरी मुस्तैदी से कार्य किया गया।
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हरिद्वार में कांवड़िये
- फोटो : अमर उजाला
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि पिछले साल 3.80 करोड़ कांवड़िए पहुंचे थे। बताया कि डाक कांवड़ में कुल 46 लाख वाहन पहुंचे हैं। जिसमें 42 लाख दुपहिया वाहन, तीन लाख हल्के वाहन और एक लाख 80 हजार बड़े वाहन शामिल हैं।
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हरिद्वार में कांवड़िये
- फोटो : अमर उजाला
64 कांवड़ियों को डूबने से बचाया गया है जबकि तीन की डूबने से मौत हुई और पांच लापता हुए हैं। पूरे मेले में 13 कांवड़ियों की मौत हुई है। 667 लापता हुए कांवड़ियों को खोजकर उनके परिजनों से मिलवाया गया है। 1734 प्रशिक्षुओं ने प्रशंसनीय कार्य किया है। सभी पुलिस फोर्स के साथ ही एसपीओ और संस्थाओं ने भी सहयोग किया।
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हरिद्वार में कांवड़िये
- फोटो : अमर उजाला
सभी आभार के पात्र हैं। इस दौरान एडीएम बीर सिंह बुधियाल, एसपी क्राइम रेखा यादव, एसपी रेलवे अजय गणपति कुंभार, सीओ यातायात राकेश रावत, सीओ ऑपरेशन निहारिका सेमवाल, सीओ सिटी जूही मनराल, एएसपी संचार विपिन कुमार आदि मौजूद रहे।
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हरिद्वार में कांवड़ियों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
कांवड़ मेले के अंतिम दिन 10 लाख कांवड़ियों ने गंगाजल भरा है। मेले के पहले दिन एक लाख 10 हजार, दूसरे दिन 8 लाख 50 लाख, तीसरे 10 लाख 50 हजार, चौथे दिन 15 लाख 20 हजार पांचवें दिन 22 लाख 25 हजार, छठे दिन 32 लाख 40 हजार, सातवें दिन 45 लाख 10 हजार, आठवें दिन 57 लाख 20 हजार, नौवें दिन 67 लाख, 10वें दिन 68 लाख 70 हजार, 11वें दिन 69 लाख कांवड़ियों ने गंगाजल भरा था। 12वें दिन मेले के अंतिम में 11 लाख कांवड़िए शाम छह बजे तक गंगाजल भरकर रवाना हो गए।