फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Joshimath Is Sinking: भगवान बदरीनाथ का खजाना नहीं होगा शिफ्ट, बीकेटीसी के अध्यक्ष ने बताई इसके पीछे की वजह

Fri, 20 Jan 2023 03:51 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, जोशीमठ।
संवाद न्यूज एजेंसी, जोशीमठ। Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 20 Jan 2023 03:51 PM IST
विज्ञापन
Joshimath Is Sinking Lord Badrinath treasure will not shift Uttarakhand read More updates in hindi
बदरीनाथ धाम - फोटो : अमर उजाला

जोशीमठ में भू-धंसाव ने भगवान बदरी विशाल के खजाने को लेकर भी चिंता बढ़ा दी थी, लेकिन अब नृसिंह मंदिर में मौजूद भगवान बदरीनाथ के खजाना को अन्यत्र शिफ्ट नहीं किया जाएगा। मंदिर व अन्य परिसंपत्तिया अभी तक पूरी तरह से सुरक्षित है। श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति का कहना है कि वह हालात पर पूरी नजर रखे हुए हैं।



बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि दरारों से प्रभावित जोशीमठ में स्थिति काफी नाजुक है लेकिन नृसिंह मंदिर सुरक्षित है। इसलिए, भगवान बदरीनाथ का खजाना अन्यत्र शिफ्ट करने की अभी कोई योजना नहीं है। उन्होंने बताया कि स्थानीय हालात की प्रत्येक दिन की जानकारी प्राप्त की जा रही है।

बीकेटीसी के अध्यक्ष ने कहा कि अगर, जोशीमठ की स्थिति बहुत ज्यादा गंभीर हुई तभी खजाना को अन्यत्र शिफ्ट किया जाएगा। खजाना को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने को लेकर समिति को पांडुकेश्वर से भी प्रस्ताव मिला है।

Joshimath Is Sinking Lord Badrinath treasure will not shift Uttarakhand read More updates in hindi
जोशीमठ नृसिंह मंदिर। - फोटो : अमर उजाला

लगातार धंस रहा जोशीमठ बदरीनाथ धाम का प्रवेश द्वारा है। चारधाम यात्रा के दौरान जोशीमठ में लाखों श्रद्धालु जुटते हैं।

Joshimath Is Sinking Lord Badrinath treasure will not shift Uttarakhand read More updates in hindi
जोशीमठ भू-धंसाव - फोटो : अमर उजाला
श्रद्धालु यहां नृसिंह मंदिर के दर्शन करने के बाद ही बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा शुरू करते हैं। बदरीनाथ धाम के पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल का कहना है कि बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा तभी सफल मानी जाती है जब पहले नृसिंह भगवान के दर्शन कर लिए जाएं। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Joshimath Is Sinking Lord Badrinath treasure will not shift Uttarakhand read More updates in hindi
शंकराचार्य गद्दीस्थल में पड़ी दरारें - फोटो : अमर उजाला

हालांकि अभी मंदिर भू-धंसाव से बचा हुआ है, लेकिन मंदिर के शंकराचार्य गद्दी स्थल के पास हल्की दरारें देखी गई हैं। वहीं, खतरे को देखते हुए नृसिंह मंदिर परिसर में सभी बड़े आयोजनों पर रोक लगा दी गई है।

ये भी पढ़ें...Joshimath Sinking: बर्फबारी के चलते रुका ध्वस्तीकरण का कार्य, प्रभावित राहत कैंप में, सामान ऐसे हो रहा बर्बाद

विज्ञापन
Joshimath Is Sinking Lord Badrinath treasure will not shift Uttarakhand read More updates in hindi
शंकराचार्य गद्दीस्थल में पड़ी दरारें - फोटो : अमर उजाला
श्री बदरीनाथ, केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुजनों के सुझाव पर जोशीमठ स्थित नृसिंह मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार के आयोजन व गतिविधि पर बिना अनुमति के रोक लगा दी गई है।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed