भू-धंसाव के चलते जोशीमठ में हालात लगातार चिंता बढ़ा रहे हैं। जीएमवीएन का जो गेस्ट हाउस यहां आने वाले वैज्ञानिकों को ठिकाना बना था, बुधवार को उसमें भी दरारें आने से हड़कंप मच गया। आज गुरुवार को लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस का जेसीबी की मदद से तोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। वहीं आम जनमानस की सुरक्षा के दृष्टिगत भूधंंसाव के कारण दो अन्य क्षतिग्रस्त होटल कामेट एवं होटल स्नोक्रेस्ट को खाली कराया गया है।
Joshimath: PWD के गेस्ट हाउस पर चला बुलडोजर, दरकते भवनों की संख्या ने बढ़ाया खौफ, राहत शिविर में दिखा ऐसा हाल
जोशीमठ में जांच के लिए आने वाले वैज्ञानिकों और अफसर गांधी मैदान के पास जीएमवीएन के वीआईपी गेस्ट हाउस में ही ठहरते थे। बुधवार की सुबह भवन में दरार दिखते ही कर्मचारियों ने इसकी सूचना चमोली के जिला पर्यटन अधिकारी को दी।
नगर में थाने के पीछे वाले भवनों में भी दरारें आ गई हैं। बताया जा रहा है कि हाल ही में यहां दरारें आई हैं। एक पुलिस कर्मी ने बताया कि थाने के पीछे एक बड़ा गड्ढा बना हुआ है और दो दिन में यहां दरारें काफी बढ़ी हैं। भू-धंसाव को लेकर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण चमोली द्वारा जारी दैनिक रिपोर्ट के अनुसार जोशीमठ नगर क्षेत्र के 9 वार्ड में 849 भवन प्रभावित हुए हैं। इसमें से 181 भवन ऐसे हैं जिनको असुरक्षित जोन के अंतर्गत रखा गया है।
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सुरक्षा की दृष्टि से जिला प्रशासन द्वारा अब तक 258 परिवारों के 865 व्यक्तियों को विभिन्न सुरक्षित स्थानों पर अस्थायी रूप से विस्थापित किया गया है। राहत कार्यों के तहत जिला प्रशासन द्वारा अब तक 500 प्रभावितों को 327.77 लाख रुपये की धनराशि प्रभावित परिवारों में वितरित की जा चुकी है।