देहरादून आईएमए पासिंग आउट परेड में बांग्लादेश के सेना प्रमुख ने कहा कि यह क्षण भारत बांग्लादेश के बीच संबंधों को और आगे ले जाएगा। खासकर दोनों सेनाओं के बीच रिश्तों की नींव और मजबूत हुई है।
IMA POP: बांग्लादेश के सेना प्रमुख बोले, भारत और बांग्लादेश के रिश्तों को और मजबूत करेगा यह क्षण
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांग्लादेश के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल अबू बिलाल मोहम्मद शाह फिउल हक परेड की सलामी लेने पहुंचे। उन्होंने कहा कि भारत व बांग्लादेश के बीच वर्षों से दोस्ताना संबंध रहे हैं। हमारी सिर्फ सीमाएं ही नहीं मिलती बल्कि भारत बांग्लादेश में भौगोलिक,सामाजिक व सांस्कृतिक समानताएं भी हैं। आइएमए परेड में बतौर रिव्यूइंग अफसर पहुंचक गौरव की अनुभूति हुई है। उन्होंने 1971के युद्ध को याद करते कहा कि भारतीय सेना ने मुक्ति संग्राम में कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग दिया।
अकादमी के सर्वश्रेष्ठ सोर्ड ऑफ ऑनर सम्मान और स्वर्ण पदक अकेडमी अंडर ऑफिसर चंद्रकांत आचार्य को। सिल्वर मेडल - अकेडमी कैडेट अडजुडेंट अमरप्रीत सिंह को ब्रॉन्ज़ मैडल - बटालियन अंडर ऑफिसर सौरभ दास को टेक्निकल ग्रेजुएट सिल्वर मेडल - जूनियर अंडर ऑफिसर बरनाना यनागिरी को बेस्ट फॉरेन जीसी - जूनियर अंडर ऑफिसर अलेक्जेंडर सेमेंइट दिया गया। इस बार चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बैनर नौशेरा कंपनी को मिला।
आईएमए की ऐतिहासिक चेटवुड बिल्डिंग के सामने मैदान में ड्रिल स्क्वॉयर पर आईएमए के 487 जेंटलमैन कैडेट्स अंतिम पग पार कर सेना में अफसर बन जाएंगे। 78 विदेशी जेंटलमैन कैडेट्स (जीसी) भी परेड में शामिल होंगे। इस साल बांग्लादेश के युवा भी आईएमए से पासआउट होकर अपने देश की सेना में कमीशन हासिल करेंगे।
अफगानिस्तान के पासआउट होने वाले कैडेट्स की संख्या सबसे ज्यादा है। जीसी के अंतिम पग भरते ही आईएमए के इतिहास में देश को 60,347 अफसर देने का रिकॉर्ड जुड़ जाएगा। इसमें 2106 विदेशी जीसी शामिल हैं। भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) से पासआउट होकर शनिवार को 487 जांबाज अफसर देश की सेनाओं का हिस्सा बन जाएंगे। इस साल मित्रराष्ट्रों के 78 विदेशी कैडेट्स भी पासआउट होंगे।