सरोवर नगरी नैनीताल में यातायात व्यवस्थाएं शुक्रवार को भी पूरी तरह पटरी पर नहीं आ सकीं। नैनीताल में पार्किंग फुल हो जाने से शहर से करीब आठ किमी पहले ही सैलानियों के वाहन रोक दिए गए। इससे गुस्साए कई पर्यटक रास्ते से ही लौट गए। रूसी बाईपास, खुर्पाताल बाईपास, नारायणनगर पार्किंग और चारखेत पार्किंग पर वाहन रोकने के बाद भी शहर में यातायात नियंत्रण में पुलिस के पसीने छूट गए। नैनीताल-भीमताल की ओर जाने वाले सैलानियों के रेले के चलते हल्द्वानी-रामनगर में भी दिन भर जाम लगता रहा। होटल में कमरा न मिलने के कारण कई पर्यटक अपने बच्चों के साथ रोडवेज स्टेशन पर सोए।
नैनीताल शहर से पहले रोके वाहन, फिर भी पर्यटकों की फजीहत, रोडवेज में बच्चों संग सोने को मजबूर
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दिल्ली से परिवार के साथ पहुंचे अशोक मित्तल, राज कुमार सिंह कठेरिया, हरियाणा से पहुंचे उमेश मंगला, राजस्थान से पहुंचे केशव प्रसाद नगर से बाहर वाहन रोके जाने से नाराज होकर लौट गए। हालांकि पुलिस ने पार्किंग वाले होटलों के पर्यटकों को आने दिया। जिनके बच्चे छोटे थे, उन्हें नगर तक छोड़ने की सुविधा दी गई। नैनीताल जाने वाले पर्यटकों की भीड़ के चलते हल्द्वानी में नैनीताल रोड पर शुक्रवार को भी कई जगह जाम लगा। पुलिस ने दोपहिया वाहन चालकों की चेकिंग की। कागजात पूरे नहीं होने के कारण काफी संख्या में छात्र और युवकों को घर लौटना पड़ा।
हालांकि दोपहर में पुलिस ने यातायात सामान्य होने पर वाहनों का आवागमन फ्री कर दिया था। रामनगर में दूसरे दिन शुक्रवार को भी पर्यटकों का सैलाब उमड़ पड़ा। भवानीगंज, रानीखेत रोड, कोसी बैराज पर हर घंटे में लंबा जाम लगता रहा। उधर भवाली में पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल नहीं है के बोर्ड लगे रहे। पेट्रोल न मिलने से कौसानी, मुनस्यारी जाने वाले पर्यटक भवाली, भीमताल में रात को गाड़ियों में रहने को मजबूर हो गए। पर्यटक वाहनों के भारी तादाद में आने से भवाली-अल्मोड़ा राजमार्ग पर दिन भर जाम लगता रहा।
पर्यटकों की संख्या में इजाफा देख टैक्सी संचालकों ने खूब जेब गर्म की। मजबूरी का फायदा उठाकर मनमाना किराया वसूला। बरेली से नैनीताल परिवार के साथ पहुंचे अहमद नदीम ने बताया कि उनसे हल्द्वानी से नैनीताल तक छोड़ने के बदले तीन हजार रुपये लिए गए, जबकि यह किराया अधिकतम 500 रुपये तक होना चाहिए। कुछ शटल सेवा वालों ने भी रूसी बाईपास, नारायणनगर और खुर्पाताल तिराहे से नगर तक छोड़ने के बदले 500 से 700 रुपये तक वसूले। शटल की कुछ छोटी गाड़ियों पर रेट लिस्ट चस्पा न होने के कारण पर्यटकों से कहीं-कहीं 100 रुपये तक वसूल किए गए।
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से पहुंचे कई पर्यटकों के वाहनों को जब पुलिस ने कालाढूंगी तिराहा, नारायणनगर, चारखेत और रूसी बाईपास पर रोका तो वह भड़क गए। पर्यटकों का कहना था कि अगर नगर में वाहन नहीं जाने दिए जा रहे हैं तो यह बात उन्हें कालाढूंगी, हल्द्वानी और रामनगर में बताई जानी चाहिए थी। अगर उन्हें नैनीताल पहुंचने से पहले यह बात पता होती तो नैनीताल की जगह किसी अन्य पर्यटन स्थल का रुख करते। यहां आने से उनका समय एवं पैसा दोनों बर्बाद हुआ है।