आज से भारतीय नव संवत्सर 2075 प्रारंभ हो रहा है। एक नजर में पढ़िए इस वर्ष बन रहे किस योग से लाभ मिलेगा और कौन कष्ट देंगे।
एक नजर में पढ़िए इस वर्ष बन रहे किस योग से मिलेगा लाभ और कौन देंगे कष्ट
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रविवार को हरकी पैड़ी सहित कई स्थानों पर पंचांग पूजन किए जाएंगे। श्रृद्धालु नए वर्ष का स्नान भी गंगा में करेंगे।
संवत का राजा सूर्य है और मंत्री पद शनि के पास रहेगा। सूर्य जहां सभी ग्रहों के जनक हैं वहीं शनि को क्रूर ग्रह माना गया है। जनक और क्रूर की यह युति पूरे वर्ष चलती रहेगी। पंचांगों के अनुसार वर्षभर विरोध बने रहेंगे और राजपक्ष को लाभ कम होगा।
इस वर्ष रोहिणी का वास संधि में होगा। वर्ष का निवास वैश्य के घर है। इस कारण धन का प्रसार अधिक होने के आसार हैं। ज्योतिष के अनुसार इस वर्ष खाद्यान्न और नए उद्योगों से खासा लाभ व्यापारियों को होगा। वर्षा की स्थिति मिश्रित बनी रहेगी।
वर्षफल बताता है कि इस बार धरती का तापमान बढे़गा। अनेक प्रकार की नई बीमारियों का प्रकोप भी दिखाई देगा। ज्योतिषाचार्य डा. प्रतीक मिश्रपुरी के अनुसार यदि वर्ष का राजा सूर्य हो तो राज की सत्ता में परिवर्तन होता है।