हरिद्वार में कार के अंदर दो मासूमों के शव मिलने के बाद से पूरे इलाके में गम का माहौल है। वहीं, कार के अंदर दो दिनों तक बंद होने के कारण हरिद्वार निवासी चचेरे भाई अरहान और फरहान की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत का राज नहीं खुल सका। इसलिए उनका विसरा प्रिजर्व कर लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार अरहान व फरहान के फेफड़े सिकुड़ कर काले हो गए थे। वहीं शरीर पूरी तरह से खराब हो चुका था।
कार में हारी जिंदगी की जंग: घंटों मौत से लड़ते रहे दोनों मासूम भाई, दरवाजा नहीं खुलने से अंदर ही दब गई चीख-पुकार
दोनों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सोमवार की देर आई थी। जिसमें बच्चों का गला दबाना, चोट मारना या कुछ जबरन खिलाने पिलाने जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि दोनों के फेंफडे़ सिकुड़ने के चलते डॉक्टर इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि संभवत: आक्सीजन न मिलने से उनकी मौत हुई है।
हरिद्वार: कार के अंदर मिले दो लापता बच्चों के शव, ईद से पहले बुझ गए सगे भाइयों के घरों के चिराग, मचा कोहराम, तस्वीरें...
रानीपुर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। विसरा सुरक्षित कर जांच के लिए लैब भेज दिया गया है।
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हरिद्वार में मिले दो लापता बच्चों के शव
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि शुक्रवार सुबह पौने ग्यारह बजे अरहान (7) और फरहान (8) अचानक लापता हो गए थे। परिवारजनों ने आसपास लोगों की मदद से दोनों की काफी खोजबीन की।
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मृतक अरहान और फरहान
- फोटो : अमर उजाला
दोनों के लापता होने की सूचना पर पुलिस भी पहुंची, लेकिन बच्चे नहीं मिले। रविवार रात घर से करीब 50 मीटर दूर प्लाट में खड़ी एक पुरानी कार के अंदर से बच्चों के शव बरामद हुए।
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हरिद्वार में मिले दो लापता बच्चों के शवों के बाद जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस का कहना था कि कार लंबे समय से खड़ी होने के कारण दरवाजों के लॉक में जंक लग गया था। जिससे दरवाजा जाम हो गया। बच्चों ने बाहर निकलने के लिए भरपूर कोशिश की, लेकिन उनकी आवाज बाहर नहीं पहुंच सकी।
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हरिद्वार में मिले दो लापता बच्चों के शवों के बाद जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
फैजान का बेटा फरहान सबसे बड़ा था। वहीं, कुरबान का बेटा अरहान तीसरे नंबर का था। मृतक अरहान के पिता कुरबान लकड़ी के ठेकेदार हैं। वह पेड़ काटने का ठेका लेते हैं। जबकि, फरहान के पिता फैजान का सलेमपुर चौक पर ही कबाड़ी का काम है।