हरिद्वार महाकुंभ में हर दिन बड़ी संख्या में साधु संन्यासी पहुंच रहे हैं। कुछ साधु ऐसे हैं जो अपनी एक आदत या श्रृंगार की वजह से अलग ही पहचान बनाए हुए हैं। ऐसे ही एक बाबा हैं कुंभ स्नान करने आए बाबा चेतनपुरी।
बाबा चेतनपुरी को जो बात अलग बनाती है वो आदत है उनका अन्न न खाना। बाबा चेतनपुरी ने बीस सालों से अन्न नहीं खाया है। उनका कहना है कि शांतिकुंज के परमाध्यक्ष रहे श्रीराम शर्मा के साथ अनेकों धर्मस्थलों और ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण किया है।
लोगों के असीमित दुख और कष्टों का अहसास किया है। लोगों के कष्टों से आहत होकर ही अन्न त्याग दिया। बाबा चेतनपुरी दो दशकों से केवल फलाहार पर निर्भर हैं। उन्होंने करीब 30 किलो रुद्राक्ष भी धारण किया है।
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बाबा चेतनपुरी रविवार को श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन निर्वाण की पेशवाई में पहुंचे थे। पेशवाई दूधाधारी चौक भूपतवाला से शुरू हुई। इसके बाद हरकी पैड़ी, मुख्य बाजार, अपर रोड, वाल्मीकि चौक, शिवमूर्ति, तुलसी चौक, शंकराचार्य चौक, महात्मा गांधी रोड, बंगाली मोड़, कनखल चौक बाजार होते हुए राजघाट स्थित अखाड़े की छावनी पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान पेशवाई का भव्य रूप देखने को मिला।
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काले घोड़े की नाल
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, श्रद्धालु शनि दशा से लाभ और सुख समृद्धि की कामना के लिए भी स्नान करने कुंभनगरी पहुंच रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार काले घोड़े की नाल धारण करना समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। पेशवाई के दौरान कई श्रद्धालु लोगों से काले घोड़े की नाल के बारे में पता करते मिले। हरकी पैड़ी, कुशाघाट, ब्रहमकुंड, बिड़ला घाट आदि स्थानों पर काले घोड़े की नाल बहुतायात में बिकती है। घोड़े की नाल बेचने वाले संजय कुमार का कहना है कि कुंभ में बहुत अधिक पूजा-पाठ की आवश्यकता नहीं है। इसलिए लोग सीधे उनसे नाल खरीद रहे हैं।
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हरकी पैड़ी
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि महाकुंभ मेले को सकुशल संपन्न कराने की कामना के लिए श्री गंगा सभा की ओर से मंगलवार को भव्य गंगा पूजन किया जाएगा। इस बार छह अप्रैल को गंगा पूजन किया जाएगा। गंगा पूजन में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, मुख्य सचिव ओमप्रकाश, 13 अखाड़ों के प्रतिनिधि, डीजीपी, कई कैबिनेट मंत्री और मेला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी शामिल होंगे। गंगा पूजन का लाइव प्रसारण भी होगा।
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हरकी पैड़ी
- फोटो : अमर उजाला
श्री गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने कहा कि हरिद्वार में 11 साल बाद महाकुंभ का आयोजन होने जा रहा है। देशभर से गंगा भक्त कुंभ स्नान के लिए हरिद्वार पहुंच रहे हैं। मां गंगा जीवनदायनी हैं, इसलिए कुंभ के निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है।
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हरकी पैड़ी पर शंखनाद
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, गंगा पूजन कार्यक्रम के दौरान 151 शंखों से शंखनाद भी किया जाएगा। शंखनाद करने वाले छात्रों को पूर्वाभ्यास कराया जा रहा है। शंखनाद संस्कृत महाविद्यालयों के छात्र करेंगे। इसके लिए मेला नियंत्रण भवन में पूर्वाभ्यास कराया जा रहा है। शंखनाद करने वाले छात्रों को 15 लाइनों में 10-10 के हिसाब से खड़ा किया जाएगा। वह पहले अलग-अलग पंक्ति में शंखनाद करेंगे। इसके बाद सभी एक साथ करेंगे।