एक फरवरी से ई-वे बिल सिस्टम लागू हो गया है। बिजनेस एक्सपर्ट से जानते हैं इस बिल के फायदे और नुकसान।
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- फोटो : अमर उजाला
बिजनेस एक्सपर्ट रोहन गुप्ता ने अमर उजाला को बताया कि इस बिल के तहत अब टैक्स पेयर्स और ट्रांसपोर्टरों को किसी भी टैक्स ऑफिस या चेक पोस्ट पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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बजट के साथ सरकार ने ई-वे बिल सिस्टम लागू कर दिया है। इसके लागू होने के बाद हर राज्य के लिए अलग-अलग ट्रांसपोर्ट पास की जरूरत नहीं होगी। दरअसल इस प्रणाली में ई-बिल के माध्यम से देश भर में सामान ले जाने वाले वाहन वैध होंगे।
जीएसटी नेटवर्क की तरफ से जारी एक बयान में बताया गया कि हर राज्य में 10 किलोमीटर अंदर प्रवेश करने वाले वाहन जिसमें 50,000 रुपये या उससे अधिक के मूल्य के सामान हैं, उसके लिए एक फरवरी 2018 ई-वे बिल जरूरी हो गया है।
ई-वे बिल सिस्टम के तहत अब टैक्स पेयर्स और ट्रांसपोर्टरों को किसी भी टैक्स ऑफिस या चेक पोस्ट पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दरअसल ई-वे बिल इलेक्ट्रॉनिक तैयार किया जा सकता है। ऐसे में खुद से पैसे कट जाएंगे।