वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में पंजीकृत व्यापारियों का प्रदेश सरकार ये खास सुविधा देने जा रही है। इससे व्यापारियों को बड़ा फायदा होगा। आगे पढ़िए...
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इन्स्योरेंश
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पांच लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कराएगी। यह एक प्रकार की प्रोत्साहन योजना है, जिसका प्रीमियम राज्य सरकार खुद देगी। इसका लाभ उत्तराखंड के एक लाख से ज्यादा व्यापारियों को नवंबर 2017 से मिलेगा। राज्य कर विभाग ने बड़ी बीमा कंपनियों को बुलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त पीयूष कुमार के मुताबिक बीमा योजना का लाभ लेने के लिए व्यापारी का जीएसटी में पंजीकृत होना अनिवार्य है। ऐसी व्यवस्था है कि पंजीकरण होने के साथ ही खुद-ब-खुद व्यापारी का नाम दुर्घटना बीमा करने वाली कंपनी को उपलब्ध हो जाएगा। ऐसे में बीमा कराने के लिए किसी प्रकार का आवेदन करने का झंझट भी नहीं रहेगा।
जीएसटी में इस समय प्रदेश के 1.05 लाख व्यापारी पंजीकृत हैं। इसमें 80 हजार से अधिक ऐसे व्यापारी भी हैं, जो वैट से जीएसटी में माइग्रेट हुए हैं। टैक्स देने वाले व्यापारियों के लिए सरकार ने दुर्घटना बीमा योजना में कवर कर उनके आश्रितों के बारे में सोचा है। 19 नवंबर 2017 से 2018 तक एक साल के लिए दुर्घटना बीमा किया जाएगा। हर साल बीमा योजना को रिन्यूवल किया जाएगा। इसके प्रीमियम का बोझ व्यापारी पर नहीं आएगा।
जीएसटी प्रणाली में 10 लाख सालाना टर्नओवर वाले व्यापारियों का पंजीकरण अनिवार्य है। अब तक प्रदेश के 1.05 लाख कारोबारी जीएसटी में पंजीकृत हो चुके हैं। दुर्घटना बीमा योजना के लिए किसी प्रकार की शर्त निर्धारित नहीं है। पार्टनरशिप फर्म में काम करने वाले सभी कारोबारियों को बीमा योजना का लाभ मिलेगा।