इस साल यमुनोत्री धाम की पैदल यात्रा और आसान होने वाली है। जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम तक पांच किमी पैदल मार्ग पर इन दिनों पांच करोड़ की लागत से सीसी व पत्थर की टाइल्स बिछा कर पैदल मार्ग का कायाकल्प किया जा रहा है। इस बार यात्रा सीजन से पहले पैदल मार्ग के सुधारीकरण का कार्य पूरा हो जाएगा।
यमुनोत्री धाम की पैदल यात्रा के इच्छुक भक्तों के लिए गुडन्यूज
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बीते साल अप्रैल माह में जानकीचट्टी से यमुनोत्री तक पैदल मार्ग का कायाकल्प बदलने का काम शुरू हुआ। लोनिवि बड़कोट केदारनाथ की तर्ज पर पैदल मार्ग का कायाकल्प करने में जुटा है। विश्व बैंक की मदद से सरकार ने यमुनोत्री धाम तक पैदल मार्ग को आसान बनाने को लेकर पांच करोड़ रुपये दिए।
दरअसल, यमुनोत्री धाम का पैदल मार्ग वर्षों से रपटीली व ऊबड़-खाबड़ होने के कारण आवाजाही के लिए जोखिमभरा बना था। घोड़े खच्चरों व पालकी से यमुनोत्री धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को पैदल मार्ग के खस्ताहाली के कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
लोनिवि व वन विभाग यात्रा सीजन से पहले हर साल पैदल मार्ग के सुधारीकरण के नाम पर लाखों खर्च कर चुका है, लेकिन यमुनोत्री धाम की पैदल यात्रा फिर भी आसान नहीं हुई। यमुनोत्री धाम की पैदल आवाजाही बेहद कठिन होने के कारण कई बार छोटे-मोटे हादसे भी हुए।
ऐसे में यात्रियों को जान जोखिम में डालकर यमुनोत्री धाम दर्शन के लिए पहुंचना पड़ता था। अब जबकि पैदल मार्ग पर करोड़ों की लागत से सुधारीकरण का काम लगभग पूरा होने जा रहा था है, तो उम्मीद की जानी चाहिए कि यमुनोत्री धाम की पैदल आवाजाही सुगम होगी।