राशनकार्ड धारकों को नए साल में सरकार ने बड़ी खुशखबरी दी है। जल्द ही आपको यह खास सुविधा मिलने जा रही है।
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राशन की दुकान
- फोटो : प्रतीकात्मक चित्र
सरकारी राशन की दुकानों का कॉन्सेप्ट अब बदलने वाला है। राशन की दुकानों पर अब सिर्फ चावल, गेहूं, चीनी और केरोसिन नहीं मिलेगा, बल्कि यहां पर सभी तरह के यूटिलिटी बिल का भुगतान किया जा सकेगा। साथ ही सरकारी प्रमाण पत्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन होगा। इसके लिए राशन की दुकानों को कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के रूप में विकसित किया जाएगा।
पूरे प्रदेश में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) की लगभग 9200 हैं। इन दुकानों से बीपीएल और एपीएल राशनकार्ड धारकों को चावल-गेहूं वितरित किया जाता है। राशन के दुकानदारों को मिलने वाला कमीशन अब कम होता जा रहा है, क्योंकि केंद्र सरकार ने चीनी का आवंटन लगभग समाप्त कर दिया है और केरोसिन का कोटा भी प्रतिमाह कम होता जा रहा है। प्रदेश सरकार की डीबीटी योजना के तहत एपीएल कार्डधारकों को राशन उपलब्ध कराने की बजाय उस पर दी जाने वाली सब्सिडी का लाभ सीधे खाते में डालने की योजना है।
पीडीएस के दुकानदार इस योजना का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे उनका कमीशन बंद हो जाएगा। ऐसे में दुकान चलाने में मुश्किल आएगी और उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। इसको देखते हुए राशन की दुकानों को सीएससी के रूप में डेवलप करने की योजना बनाई गई है। इस संबंध में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के विभाग का प्रस्ताव कैबिनेट की बैठक में लाया जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसकी अगली प्रक्रिया शुरू की जाएगी
राशन की दुकानों में अनाज खरीदने के बाद उसका भुगतान प्वाइंट ऑफ सेल मशीन (पीओएस) से किया जा सकेगा। राशन की दुकानों में पीओएस लगाने के लिए टेंडर आमंत्रित करने की प्रक्रिया चल रही है। पीओएस से भुगतान की स्थिति में डिपो होल्डरों को 17 पैसे प्रति ट्रांजेक्शन की दर से कमीशन दिया जाएगा।