सरकारी कर्मचारियों के लिए सरकार का यह फरमान खुशखबरी लेकर आया है। इसके बाद आपको सबसे बड़ी मुसीबत से छुटकारा मिल जाएगा।
सरकारी कर्मचारियों का दिल खुश कर देगी यह खबर, सबसे बड़ी मुसीबत से मिलेगा छुटकारा
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तबादला कानूनी अधिकार चाहने वाले लोक सेवकों की मुराद बहुत जल्द पूरी होने वाली है। उत्तराखंड प्रदेश के लोकसेवकों का तबादला कानून अब कुछ कदम दूर है। गैरसैंण (भराड़ीसैंण) विधानसभा सत्र में पारित उत्तराखंड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानांतरण विधेयक, 2017 को राज्यपाल डॉ. केके पाल ने मंजूरी दे दी है।
सचिव विधानसभा जगदीश चंद्र ने विधेयक को राज्यपाल की मंजूरी की पुष्टि की है। राजभवन से विधेयक मंजूरी के बाद विधायी विभाग को लौट आया है। अब ये सरकारी प्रेस में गजट नोटिफिकेशन के लिए भेजा जाएगा। गजट नोटिफिकेशन के साथ ही प्रदेश में तबादला कानून लागू हो जाएगा।
वर्षों से दुर्गम में तैनात लोक सेवकों को तबादला कानून का बेताबी से इंतजार है। वे इस आस में हैं कि कानून लागू होने के बाद उन्हें दुर्गम से सुगम में तैनाती मिल सकेगी। उनका कभी न खत्म होने वाला वनवास पूरा होगा। कानून लागू होने के बाद ऐसे कार्मिक जो सुगम क्षेत्र में वर्तमान तैनाती स्थल पर चार वर्ष या उससे अधिक से तैनात हैं, दुर्गम क्षेत्र में उपलब्ध संभावित रिक्तियों की संख्या के हिसाब अनिवार्य रूप से स्थानांतरित किए जाएंगे। दुर्गम क्षेत्र में न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा पूरी करने के उपरांत उन्हें अनिवार्य रूप से सुगम में स्थानांतरित किया जा सकेगा।
कानून लागू होने के बाद प्रदेश में कथित तबादला उद्योग पर अंकुश लग सकेगा। तबादलों के लिए राजनीतिक और अफसरों की सिफारिश का दौर भी खत्म होगा और पात्र लोगों को तबादले का कानूनी अधिकार मिल सकेगा। पात्र होने के बावजूद उन्हें तबादले के लिए नेताओं की परिक्रमा नहीं करनी होगी, बल्कि आवेदन की निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर उन्हें नियमानुसार तबादला मिल सकेगा