फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

उत्तराखंड की इस गुफा में दबा है 'खजाना', भारत हो जाएगा मालामाल

Thu, 08 Sep 2016 09:01 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 08 Sep 2016 09:01 AM IST
विज्ञापन
gold mine in pithoragarh
gold mine

उत्तराखंड की गुफा में इतना खजाना मिला है कि जिसके लिए पूरी दुनिया में हलचल है। यह खजाना अस्कोट की पहाड़ी के नीचे दबा है। अनुमान है कि गुफा में इतना खजाना है जो भारत को मालामाल कर सकता है।

gold mine in pithoragarh
gold mine

इस गुफा में कीमती धातुओं का खजाना भरा है। धातु भी ऐसी जिसके लिए पूरी दुनिया लालायित रहती है। अस्कोट के बड़ी गांव क्षेत्र में सर्वे के अनुसार सोना, तांबा, चांदी, लेड, शीशा, जस्ता जैसी एक लाख पैंसठ हजार मैट्रिक टन धातु है। यहां की खनिज संपदा राज्य की मालीहालत बदल सकने में सक्षम है, लेकिन इस दिशा में सार्थक प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।

gold mine in pithoragarh
gold mine

यहां पर 30 वर्षों तक मिनरल एक्प्लोरेशन कारपोरेशन (एमइसी) ने खनन किया और यहां से धातु निकाली थी। इससे पूर्व डीजीएम ने यहां पर सर्वे कर धातु निकालने का कार्य किया। इस स्थल को अस्कोट की तामखान (तांबे की खान) नाम से भी जाना जाता है। डीजीएम के एक दो कर्मचारी अभी भी यहां पर नियुक्त हैं। जबकि एमइसी ने अस्कोट कस्तूरा मृग बिहार लागू होने के बाद यहां पर खनिजों को निकालने का कार्य बंद कर दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
gold mine in pithoragarh
gold mine

भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय के सर्वे के आधार पर वर्ष 2003 में कनाडा की प्रसिद्ध आदि गोल्ड कंपनी का ध्यान यहां गया। उसकी भारत स्थित कंपनी ने सरकार से अनुमति लेकर यहां पर फिर से सर्वे का कार्य किया। सर्वे की रिपोर्ट के बाद कंपनी ने यहां पर व्यापक रूप से कार्य करने का मन बनाया। अस्कोट में कंपनी ने अपना कार्यालय खोला और सर्वे के लिए बाहर से अत्याधुनिक मशीनें आई। कंपनी ने यहां पर धातुओं के खनन होने पर अस्कोट क्षेत्र में 200 करोड़ रुपये निवेश करने का निर्णय लिया। इससे क्षेत्र में रोजगार के नए आयाम जुडऩे थे।

विज्ञापन
gold mine in pithoragarh
gold mine

इसके लिए वर्ष 2007 में कंपनी ने सरकार से खुले खनन के लिए 30 वर्ष की लीज की अनुमति मांगी। जो अभी तक नहीं मिल सकी है। इसी के साथ कंपनी ने अपना सामान समेट लिया। वर्तमान में कंपनी का कार्यालय तो है, लेकिन उस पर ताला लग चुका है। स्थानीय कुछ दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी भी तैनात हैं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed