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घर में बिना दरवाजा और सिक्योरिटी के रहते थे पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडीस, जानिए रोचक बातें...
सोशलिज्म विचारधारा की जीवंत किवदंति बन चुके पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडीस किस तरह जीवनभर सिद्धांतों को जीते रहे, इसका अंदाजा उस एक पत्र से लगाया जा सकता है, जिसे पढ़कर फर्नांडीस ने रुड़की के डॉ. एसके कौशिक से ऐसा नाता जोड़ लिया मानो जन्मों का रिश्ता हो। जॉर्ज ने खुद उनके घर पर फोन कर उन्हें दिल्ली बुलाया।
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डा. सतीश कौशिक
डा. कौशिक जॉर्ज के घर पहुंचे तो आश्चर्य से भर गए। वहां न तो कोई सिक्योरिटी ही थी और जैसा कि जॉर्ज ने कहा था, उसी के अनुरूप घर पर मुख्य दरवाजा भी नहीं था। उनके घर में पहुंचकर चार चीजें जेहन में कौंधती थी, वह थी विचार, कागज, किताब और जॉर्ज।
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George Fernandes in roorkee
पूर्व रक्षामंत्री जॉर्ज फर्नांडीस का रुड़की से गहरा नाता हो गया था। इस रिश्ते के पीछे की कहानी भी बड़ी दिलचस्प है। रुड़की के चिकित्सक डॉ. एसके कौशिक ने बताया कि उन्होंने जार्ज फर्नांडीस को एक पत्र भेजा था, जिसमें देश के भ्रष्टाचार, राजनीति को लेकर विचार व्यक्त किए थे। इस पत्र को पढ़कर जॉर्ज प्रभावित हुए, लेकिन मैं उस समय आश्चर्यचकित रह गया, जब जॉर्ज फर्नांडीस ने स्वयं उनके घर पर फोन किया।
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George Fernandes in roorkee
फोन मां निर्मला देवी ने उठाया। उधर, से जब आवाज आई कि मैं जॉर्ज बोल रहा हूं, तो मां ने उनसे पूछा कि क्या जॉर्ज नाम का भी तुम्हारा कोई दोस्त है। इसके बाद उन्होंने खुद फोन पर रक्षामंत्री से बात की तो आश्चर्य और खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इसके बाद जॉर्ज फर्नांडीस ने चिकित्सक से कहा कि मैं तुम्हारे पत्र से प्रभावित हुआ हूं और मुझसे दिल्ली में आकर मिलो। चिकित्सक ने पूछा कि उनके यहां भारी सिक्योरिटी होगी तो अंदर कैसे आऊंगा।
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George Fernandes in roorkee
इस पर जॉर्ज ने जवाब दिया कि चिंता मत करो मेरे घर पर न कोई दरवाजा है और न ही सिक्योरिटी। हुआ भी यही, जब डॉ. कौशिक दिल्ली पहुंचे तो वहां न मेन गेट था और न ही कोई सिक्योरिटी। डॉ. कौशिक ने बताया कि उनके घर में चार चीजें ही देखने में आई और वो थी विचार, कागज, किताब और जॉर्ज। सन 2000 में रक्षामंत्री रहते हुए जॉर्ज फर्नांडीस ने रुड़की पहुंचकर डॉ. कौशिक के चिकित्सालय कौशिक पैथोलॉजी का उद्घाटन किया।
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