नगर के सदर बाजार में बुधवार तड़के भीषण अग्निकांड हो गया। अग्निशमन दस्ते ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक चार दुकानें और एक गोदाम जलकर राख हो गया। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया हैं। अलबत्ता शार्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है।
सदर बाजार में बुधवार सुबह साढ़े पांच बजे दुकानों से धुआं उठते देख लोगों के होश उड़ गए। कुछ देर बाद आग की लपटें उठने लगीं। तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। पुलिस, प्रशासन और कैंट के लोग भी मौके पर पहुंच गए। अग्निशमन दल और स्थानीय लोग आग बुझाने में जुट गए। स्थानीय लोगों की मदद से दुकानों के शटर तोड़े गए।
तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। तब लोगों ने राहत की सांस ली। अग्निकांड में उमा पंत की कास्मेटिक, मोहम्मद यासीन की चश्मे और घड़ी की दुकान, नरेंद्र सिंह माहरा की कास्मेटिक, मोहम्मद सलीम की जूते-चप्पल की दुकान और गोदाम एवं हरीश राम आर्या का जूते-चप्पल का गोदाम जल गया। प्रभावितों ने हादसे में 32 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है।
बाद में तहसीलदार नितेश डांगर ने मौका मुआयना किया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि आग शार्ट सर्किट से लगी होगी, फिर भी जांच के बाद ही असल कारणों का पता चल सकेगा। इस दौरान उमा पंत ने 14 लाख, मोहम्मद यासीन ने चार लाख, नरेंद्र मेहरा ने 4.5 लाख, मोहम्मद सलीम ने 4.5 लाख तथा हरीश राम ने पांच लाख का नुकसान हुआ।
मौके का मुआयना कर लिया गया है। सभी दुकानदारों से हादसे के बाबत जानकारी ली गई है। नुकसान का सही आंकलन जांच के बाद ही पता चलेगा।
नितेश डांगर, तहसीलदार, रानीखेत