आपने लोगों के शौक तो कई तरह के सुने होंगे, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इन पिता और बेटी को सांपों से खेलने का शौक है। उत्तराखंड के सितारगंज में एक कार गैराज में डेंटर का काम करने वाले गुलजार अहमद शौक भी जोखिम भरा रखते हैं। उनके सामने जहरीले नाग भी दीवाने हो जाते हैं। काम के साथ ही सांप पकड़ने के शौक में गुलजार अब तक किंग कोबरा से लेकर पाइथन प्रजाति तक के जहरीले सांप पकड़ चुके हैं।
बाप-बेटी को जहरीले सांपों से खेलने का शौक, आंखों में आंखे डाल कर देते हैं मदहोश, तस्वीरें...
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सितारगंज में बाईपास कालोनी निवासी गुलजार अहमद (54) पुत्र इरशाद अहमद खान मूलरूप से हल्द्वानी के रहने वाले हैं। वर्ष 1984 में वे सितारगंज आकर बस गए। इस कला में केवल गुलजार ही नहीं उनकी बेटी भी माहिर है। गुलजार के छह बेटी और एक बेटा है। इनमें चौथे नंबर की 15 साल की बेटी आलिया खान भी सांप पकड़ने में माहिर है। बेटी आलिया भी निडर होकर सांपों के साथ खेलती है। वह नगर के जीजीआईसी में कक्षा आठवीं की छात्रा है और स्कूल में भी उसने कई सांप पकड़े हैं।
गुलजार बताते हैं कि बचपन से उन्हें सांपों के साथ खेलने का शौक था। जब वे यहां आए तो वे कहीं भी सांप निकलने पर उसे पकड़ने पहुंच जाते थे। उनके इस हैरतअंगेज करतब ने उन्हें सर्प मित्र बना दिया और अब वे सर्प मित्र नाम से क्षेत्र में चर्चित हैं। वे अब वन विभाग के माध्यम से क्षेत्र में सांपों को पकड़ने जाते हैं। इसके एवज में गृह, प्रतिष्ठान स्वामियों से मेहनताना भी मिल जाता है और वन विभाग से भी सौ रुपये प्रति सांप के हिसाब से दिया जाता है।
2019 में भिन्न प्रजातियों के पकड़े सांप
रसल वाइपर
46
करैत
21
स्पेक्टीकल कोबरा
250
रैक स्नेक
30
वाटर स्नेक
20
बूम स्लैंड
10
पाइथन
03
मोनोकोल कोबरा
150
गुलजार अहमद लॉकडाउन में अब तक 119 सांप पकड़कर जंगल में छोड़ चुके हैं। उन्होंने बताया कि सांप को बीन बजाकर नहीं, बल्कि उसकी आंखों में आंखें डालकर मदहोश किया जाता है। इसी कला के जरिए उन्होंने 40 सालों में हजारों सांप अपने वश में किए हैं।