रुद्रपुर में सूबे के मुख्यमंत्री हरीश रावत की सभा में असंवेदनहीनता की हद तब पार हो गई जब रैली को दौरान एक बुजुर्ग की तड़प-तड़प कर मौत हो गई।
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हरीश रावत
- फोटो : AmarUjala
तीस साल से निष्ठापूर्वक कांग्रेस की सेवा कर रहे बुजुर्ग कार्यकर्ता ने रविवार को ट्रांजिट कैंप के फुटबाल मैदान में आयोजित मुख्यमंत्री हरीश रावत की सभा में ही दम तोड़ दिया। सभास्थल पर संवेदनहीनता देखने को मिली। करीब आधे घंटे तड़पते रहे बुजुर्ग की सुध न ही मंच पर गरज रहे नेताओं ने ली और न ही सीएम की आवभगत में लगे प्रशासन ने।
सीएम की फ्लीट में एंबुलेंस तो थी, लेकिन उस बुजुर्ग को अस्पताल ले जाने के लिए नहीं मिली। बाद में पुलिस कांस्टेबल भुवन उन्हें टेंपो में अस्पताल ले जाने को तैयार हुए तो वहां खड़े ट्रांजिट कैंप निवासी वेदप्रकाश ने मानवता का परिचय दिया। दोनों उन्हें अस्पताल ले गए पर तब तक बहुत देर हो गई थी।
गांव कुरैया किच्छा निवासी 62 वर्षीय कांग्रेस कार्यकर्ता जुम्मी पुत्र अली खां को जब कुछ दिन पहले सीएम हरीश रावत के रुद्रपुर में आने की सूचना मिली तो वह बेसब्री से सीएम को सुनने का इंतजार करने लगे। रविवार सुबह की नमाज पढ़ने के बाद वह अपने गांव के 16 अन्य कार्यकर्ताओं के साथ बस में सवार होकर रुद्रपुर को रवाना हुए।
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harish rawat
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सीएम के आने के बाद जुम्मी ने कुर्सी से खड़े होकर गर्मजोशी से सीएम का स्वागत किया और सभा को सुनने लगे। इसी दौरान करीब एक बजे जुम्मी को प्यास लगी तो पांडाल में ही अपने बायीं ओर लगे पानी के स्टाल पर चले गए। पानी पीने के बाद अचानक जुम्मी का स्वास्थ्य खराब हो गया और वह गश खाकर जमीन पर गिर पड़े।