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Dussehra 2020 Festival: अनोखी है 400 साल पुरानी परंपरा, रावण दहन की जगह यहां किया गया 'युद्ध'

Sun, 25 Oct 2020 05:02 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, साहिया(देहरादून)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, साहिया(देहरादून) Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 25 Oct 2020 05:02 PM IST
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Dussehra 2020 Latest News: People Doing War on Vijayadashami instead Ravan Dahan in Uttarakhand jaunsar bawar
- फोटो : फाइल फोटो

एक तरफ जहां दशहरे के दिन लोग हर्ष और उल्लास के साथ त्योहार मनाते हैं वहीं, उत्तराखंड के इस गांव में लोग रावण दहन की जगह युद्ध करते हैं। इस साल भी यह परंपरा निभाई गई। लेकिन कोरोना के कारण इसकी रंगत फीकी नजर आई। उद्पाल्टा और कुरोली गांव में मनाए जाने वाले पाइंता पर्व(गागली युद्ध) के दौरान बाहरी लोगों के प्रवेश को निषेध किया गया था। दोनों गांव के लोगों ने आपस में गागली (अरबी) के डंडों से युद्ध कर पारंपरिक रस्मों का निवृहन किया।

Dussehra 2020 Latest News: People Doing War on Vijayadashami instead Ravan Dahan in Uttarakhand jaunsar bawar
- फोटो : अमर उजाला

रानी-मुन्नी के श्राप से मुक्ति और पश्चाताप के लिए दोनों गांव के बीच सदियों से दशहरा के दिन गागली युद्ध होता आ रहा है। रविवार को भी दोनों गांव के लोगों ने करीब एक घंटे तक आपस में युद्ध किया। जिसके बाद दोनों गांव के लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर पाइंता पर्व की बधाइयां दी।

Dussehra 2020 Latest News: People Doing War on Vijayadashami instead Ravan Dahan in Uttarakhand jaunsar bawar
- फोटो : फाइल फोटो

युद्ध से पहले दोनों गांव के लोगों ने थाती-माटी और गांव के कुल देवता बत्तिसर देव की पूजा की। जिसके बाद दोनों सगी बहनों की घास-फूस की प्रतिमा को क्याणी डांडा स्थित कुएं में ढोल-दमऊ की थाप के साथ विसर्जित किया गया। प्रतिमाताओं के विसर्जन के बाद दोनों गांव के लोगों ने एक दूसरे के ऊपर गागली के डंठल फेंके। महिलाओं और पुरुषों ने सामूहिक हारुल, तांदी, रासो और झेंता नृत्य किया।

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Dussehra 2020 Latest News: People Doing War on Vijayadashami instead Ravan Dahan in Uttarakhand jaunsar bawar
- फोटो : फाइल फोटो

मालूम हो कि जौनसार बावर हमेशा से ही अपनी विशिष्ट संस्कृति के लिए जाना जाता है। खत स्याणा राजेंद्र सिंह बताया कि किवदंतियों के अनुसार करीब 400 साल से दोनों गांव के लोगों के बीच पश्चाताप और श्राप से मुक्ति के लिए युद्ध हो रहा है। बताया कि पहले उद्पाल्टा गांव में रानी और मुन्नी नाम की दो बहने रहती थी। दोनों एक साथ कुएं में पानी भरने जाती थी। एक दिन रानी की कुएं में गिरने से मौत हो गई। लोगों ने इसके लिए मुन्नी को दोषी ठहराया। जिससे खिन्न होकर मुन्नी ने भी कुएं में छलांग लगा दी। 

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Dussehra 2020 Latest News: People Doing War on Vijayadashami instead Ravan Dahan in Uttarakhand jaunsar bawar
- फोटो : फाइल फोटो

इसके बाद गांव में अजीब घटनाएं होने लगी। हादसों को लेकर जब लोग महासू देवता के माली के पास गए तो उन्होंने बताया कि गांव पर रानी-मुन्नी का श्राप लगा हुआ है। जिससे मुक्ति के लिए लोगों को दशहरे पर रानी-मुन्नी की घास-फूस से बनी प्रतिमाओं को कुएं में विसर्जित करना पड़ेगा और आपस में युद्ध करना होगा। जब तक गांव में दशहरा के दिन दो कन्याओं का जन्म नहीं हो जाता। उनके बीच यह युद्ध चलता रहा।

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