राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एनएसए अजीत डोभाल दो दिन के निजी दौरे पर शुक्रवार को उत्तराखंड पहुंचे थे। आज वे दिल्ली के लिए रवाना हो गए। लेकिन इस दौरान अपने गांव पौड़ी पहुंचकर उन्होंने ऐसा काम किया कि उनकी एक बात ने सबका दिल जीत लिया।
जब वे पत्नी अरुणा डोभाल के साथ पौड़ी पहुंचे तो उन्होंने अपने दौरे के दौरान ग्रामीणों से सारी बातें गढ़वाली भाषा में ही की। सबसे पहले वे सिद्धपीठ मां ज्वाल्पा देवी की पूजा के लिए गए थे। वहां मंदिर परिसर में करीब 50 मिनट तक वहां रहे। इस दौरान उन्होंने मंदिर में पुजारियों और ग्रामीणों से गढ़वाली भाषा में बातें की।
इसके बाद गांव पहुंचने पर भी उन्होंने गढ़वाली में बात कर ग्रामीणों का दिल जीत लिया। ग्रामीणों का कहना है कि इतने बड़े पद पर होने के बाद भी अजीत डोभाल का अपने गांव और अपनी भाषा के साथ लगवा होना और उसे न भूलना उनके लिए गर्व की बात है।
वे शनिवार को अपने गांव घिड़ी गए थे। यहां उन्होंने कुलदेवी की पूजा भी की थी। एनएसए बनने के बाद गांव में उनका ये तीसरा निजी दौरा था। पूजा के बाद एनएसए डोभाल ने ग्रामीणों से बात करते वक्त गांव में अपना घर बनाने की इच्छा भी जताई।
इस दौरे के दौरान उन्होंने ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन में यज्ञ हवन भी किया और मां गंगा की आरती कर विश्व शांति की कामना की। डोभाल के आगमन पर पूरे तीर्थक्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। देहरादून, पौड़ी और टिहरी की पुलिस अलर्ट पर रही। प्रशासन के लोग भी व्यवस्थाएं बनाने में जुटे रहे।