गुरुवार को त्यूनी में हुए दर्दनाक हादसे में जहां पांच लोग मौत की नींद सो गए वहीं बाहर से आया एक अंजान शख्स 15 लोगों की जिंदगी बचा गया।
हादसे के दौरान भगवान बनकर आया ये शख्स कोई और नहीं बल्कि एक डॉक्टर है। जब सड़क हादसे के बाद अस्पताल में घायलों को डॉक्टर नहीं मिला तो छुट्टी पर गांव आया ये डॉक्टर भगवान बनकर उनके इलाज के लिए आ गया।
बता दें कि सीएचसी विकासनगर में तैनात सर्जन डॉ. नरेंद्र चौहान जखोली मेले में शामिल होने के लिए अपने गांव बृनाड़ गांव गए हुए थे। जैसे ही उन्हें दुर्घटना की सूचना मिली वह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र त्यूनी की ओर दौड़ पड़े। जहां उन्होंने घायलों का उपचार करने के साथ ही मृतकों का पोस्टमार्टम किया। देर रात तक वह अस्पताल में मरीजों का उपचार करने में जुटे रहे।
तहसील के बगूर बैंड के समीप यूटिलिटी अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। जिससे यूटिलिटी में सवार पांच लोगों की मौत हो गई जबकि, 15 लोग घायल हो गए। दुर्घटना के बाद यूटिलिटी चालक मौके से फरार हो गया। यूटिलिटी में करीब 30-35 लोग सवार बताए जा रहे हैं। कई लोगों ने कूद कर जान बचाई।
जिन्हें मामूली चोंटे आई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर न होने से अधिकांश घायलों को हायर सेंटर रेफर करना पड़ा। सभी मृतक बगूर गांव के हैं। दुर्घटना के बाद क्षेत्र में मातम छा गया है। मृतकों के परिजन सदमे में है। जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार की शाम करीब तीन बजे यूटिलिटी(यूके-07 ए-7915) त्यूनी बाजार से बगूर गांव के लिए रवाना हुई।