अगर मन में सच्ची आस्था हो तो बड़ी से बड़ी बाधाएं भी आपके इरादों को डगमगा नहीं सकतीं। यह बात देहरादून से केदारनाथ गए एक पांव से दिव्यांग दस लोगों पर सटीक बैठती है, जिन्होंने 17 किमी पैदल ट्रैक कर बाबा केदार के दर्शन किए।
10 दिव्यांगों समेत 28 सदस्यीय इस दल को ‘दिव्गांग जनप्रेरणा-2108’ नाम दिया गया। दल ने दिव्यांगों को प्रेरित करने के साथ ही केदारनाथ पहुंचकर बाबा केदार से विश्व शांति के लिए मन्नत भी मांगी। अभियान का उद्देश्य दिव्यांगों को प्रेरित करना था, ताकि वे खुद को किसी कार्य में असमर्थ महसूस न करें और जीवन में आगे बढ़ें।
नौटियाल कृत्रिम अंग कल्याण समिति के निदेशक एवं ऑर्थेटिस्ट डॉ. विजय कुमार नौटियाल के नेतृत्व में 27 अप्रैल को देहरादून से 28 सदस्यीय दल ऋषिकेश पहुंचा। यहां विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर दल को केदारनाथ रवाना किया। दल में दस दिव्यांगों के साथ योग थेरेपिस्ट माधव फोंदनी एवं अन्य शामिल रहे।
डॉ. नौटियाल ने बताया कि 27 अप्रैल की शाम दल गौरीकुंड पहुंचा और 28 की सुबह साढ़े सात बजे केदारनाथ रवाना हुआ। दोपहर ढाई बजे दल के सभी साथी केदारनाथ पहुंच गए। 29 अप्रैल को कपाट खुलने पर सभी ने बाबा केदार के दर्शन किए।
यहां राज्यपाल डॉ. केके पॉल, मंदिर समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व सीएम एवं सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, विधायक मनोज रावत, मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीडी सिंह ने दिव्यांगों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। डॉ. विजय कुमार नौटियाल ने बताया कि दिव्यांगों ने सात घंटे मेें गौरीकुंड से केदारनाथ का सफर पूरा किया।