शायद ही कोई यकीन करेगा कि देहरादून में पति और ससुर को मौत के घाट उतारने के बाद दीपिका और उसके प्रेमी योगेश अरोड़ा ने अपने बचाव की कहानी लाशों के बीच बैठकर तैयार की थी। भाड़े के काल्पनिक हत्यारे पप्पू और डब्बू के हाथों बाप-बेटे की हत्या डोईवाला के जंगल में कराने की कहानी तैयार की गई। दोनों जानते थे कि ज्यादा समय तक उनके रिश्ते की बात छिप नहीं पाएगी, पुलिस जरूर आएगी, पूछताछ भी करेगी, लेकिन सच को हलक से बाहर नहीं लाना है। दोनों ने यह सोच अजय देवगन की फिल्म दृश्यम से चुराई थी।
लाशों के बीच बैठकर बेवफा पत्नी ने इस तरह प्रेमी संग रची दर्दनाक हत्या की साजिश
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आठ साल के बेटे को भी दीपिका ने इसी फिल्म की कहानी की तर्ज पर रटा दिया था कि सुबह जाते वक्त उसने पापा को टाटा किया था। वारदात की स्क्रिप्ट के हिसाब से दीपिका, योगेश और नकुल ने अपने-अपने किरदार बखूबी निभाए, मगर कुदरत भी अपनी तरह से न्याय करती है। कार में लाशों को जलाने की तय कहानी को हकीकत में तब्दील करते वक्त योगेश उसी आग से अपना चेहरा झुलसा बैठा और उसके झुलसे चेहरे ने दोहरे मर्डर में उसकी भूमिका की चुगली पुलिस से कर दी। खैर, पुलिस ने कानूनी औपचारिकता पूरी करके सोमवार को दोनों को अदालत के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
एसपी क्राइम तृप्ति भट्ट ने बताया कि लाशों के बीच ही उन दोनों ने पुलिस से बचने को कत्ल की पूरी कहानी बनाई। कैसे पुलिस को गुमराह करना है। उन दोनों ने अपने हिसाब से तो पप्पू और डब्बू से डोईवाला में कत्ल का पूरा प्लान तैयार किया था। बुलंदशहर जाते समय पापा को टाटा करने का मासूम नकुल को पाठ पढ़ाना भी उसी रणनीति का हिस्सा था, ताकि यह साबित हो सके कि कत्ल घर में नहीं, बाहर ही हुआ है। स्क्रिप्ट में फंसने की आशंका को भी जगह दी गई थी। वो जानते थे कि पुलिस सवाल जरूर करेगी कि पप्पू और डब्बू को किसने भेजा था।
जवाब यह रहेगा कि उनके रिश्ते को लेकर परिवार में खटपट थी। दीपिका के कहने पर योगेश ने उन दोनों को डराने धमकाने के लिए भेजा था, लेकिन झगडे़ में उनका कत्ल हो गया। बाकायदा पप्पू और डब्बू की काल्पनिक तस्वीर भी तैयार कर ली गई थी। पूछताछ में पकड़ में आ गए तो योगेश ने सुपारी की नई कहानी बयां कर दी, यहीं कहानी में झोल आ गया और दीपिका के अनभिज्ञता प्रकट करते ही पुलिस के सवाल तेज हो गए और वे उलझते ही चले गए। योगेश का झुलसा चेहरा वारदात में उसकी भूमिका की चुगली खा ही चुका था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक घटना वाली रात से पहले दिन बुलंदशहर से किसी का फोन राजेश के पास आया था। परिवार से बात करते हुए राजेश ने बुलंदशहर जल्द आने की बात कही थी, लेकिन कोई टाइम नहीं दिया था। दीपिका के कानों में जब यह बात आई तो उसने योगेश से मिलकर दोनों के बुलंदशहर जाने की कहानी गढ़कर उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश बना ली। योगेश रात करीब ग्यारह बजे रस्सी लेकर तपोवन एनक्लेव में पहुंच गया था, लेकिन रात करीब एक बजे वह घर में घुसा। गला घोंटते समय छटपटाहट में राजेश के बिस्तर से नीचे गिरने के साथ कांच का टेबिल टूटने से पिता प्रेम सिंह की आंखें खुल गई।