उत्तराखंड: अमर उजाला की सूचना पर खुली बोर्डिंग स्कूल की घिनौनी करतूत, 5 बड़े खुलासे
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बोर्डिंग स्कूल में छात्रा से गैंगरेप के मामले में स्कूल प्रबंधन संवेदनहीनता की हद तक गया। मामले को हर स्तर पर दबाने का प्रयास किया गया, इसके बाद जब प्रकरण के बड़ा होने की आशंका हुई तो पीड़िता की मदद के बजाए आरोपियों को ही बचाने का प्रयास किया गया।
आरोपी छात्रों को रातोंरात स्कूल की दूसरी शाखा में शिफ्ट कर दिया गया। जबकि, पुलिस को बताया गया कि चारों छात्र छुट्टी पर गए हैं। सोमवार को दूसरी शाखा में चारों छात्रों मिले। आरोपियों के बयान के मुताबिक शुरुआत में बात अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच ही चल रही थी। लग रहा था कि मामला दब जाएगा।
मगर, शनिवार शाम को जब छात्रा के गर्भवती होने का पता चला तो स्कूल व हॉस्टल प्रबंधन के हाथपांव फूल गए। यहां भी प्रबंधन ने पीड़िता की मदद करने के बजाए छात्रों को ही बचाने का प्रयास किया। शनिवार देर रात सभी आरोपी छात्रों को डायरेक्टर के कमरे में बुलाया गया और उन्हें किसी को कुछ न बताने की हिदायत दी गई। इसके बाद डायरेक्टर की कार में बैठाकर उन्हें स्कूल की दूसरी शाखा में भेज दिया गया। यहां भी किसी को कानोंकान खबर नहीं होने दी गई कि इन छात्रों को यहां क्यों लाया गया है।
इधर, जब रविवार शाम को पुलिस भाऊवाला ब्रांच में जांच पड़ताल कर रही थी तो उन्हें बताया गया कि सभी छात्र छुट्टी गए हुए हैं। इसके बाद पुलिस ने हॉस्टल के सभी कमरों की तलाशी भी ली, मगर उनका कहीं पता नहीं चला।
इस पर जब स्कूल प्रिंसिपल जितेंद्र शर्मा से सख्ती से पूछताछ की गई तो उन्होंने सारा राज खोल दिया। इसके बाद पुलिस ने सोमवार को चारों छात्र पुलिस को दूसरी शाखा में मिल गए। इसके बाद उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया।