आस्था इंसान की जान से बढ़कर नहीं हो सकती है। हरकी पैड़ी पर डुबकी लगाने पहुंचने वाले श्रद्धालु शायद इसे भूल रहे हैं। कोविड के बढ़ते खतरे के बीच बेखौफ होकर स्नान कर रहे हैं। हुजूम की शक्ल में हरकी पैड़ी और बाजारों में घूम रहे हैं। कोविड नियमों की अनदेखी से स्नान करने वाले पुण्य कमाने के बजाय अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। बेपरवाह लोगों को कोई रोकने और टोकने वाला नहीं है। बिना मास्क घूमने वालों की चेकिंग करना तो दूर कोविड की रैंडम जांच तक नहीं हो रही है।
कोविड का बढ़ता खतरा: हरिद्वार में गंगा घाटों पर लापरवाही की डुबकी, न चिंता दूसरों और खुद की, तस्वीरें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यात्री बिना रोक-टोक हरकी पैड़ी पहुंच रहे हैं। अधिकतर यात्री बिना मास्क हैं। जिनके पास मास्क हैं भी ठीक से लगाते नहीं हैं। हरकी पैड़ी और आसपास हुजूम की शक्ल में घूम रहे हैं। इनमें बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। डब्ल्यूएचओ ने बच्चों और बुजुर्गों को ही कोविड का सर्वाधिक खतरा बताया है। ऐसे में आस्था की डुबकी लगाने पहुंचने वालों को पुण्य मिले या न मिले, लेकिन लापरवाही अपनाकर कोविड के शिकार जरूर हो सकते हैं।
मंगलवार को दोपहर 12 बजे, हरकी पैड़ी पर हजारों की संख्या में लोगों की प्लेटफार्म पर नजर आई। अधिकतर लोगों ने मास्क ही नहीं पहना था। शारीरिक दूरी की उम्मीद और बात करना ही बेकार है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग शामिल थे। कोई स्नान की तैयारी में था तो कोई स्नान कर प्लेटफार्म में झुंड लगाकर बैठा था। इधर-उधर टहलते लोगों को कोविड का किसी तरह का खौफ नहीं था। नाई घाट किनारे सैकड़ों लोग स्नान करते नजर आए। नाई घाट पर भी भीड़ उमड़ी थी। कोई मुंडन संस्कार करवा रहा था तो कर्मकांड करवाने वालों की भीड़ थी। एक संस्कार स्थल पर दर्जनों लोगों का जमावड़ा लगा था। कर्मकांड संस्कार के वक्त किसी ने मास्क तक नहीं पहना था।
कोविड की दूसरी लहर में हाथी पुल के पास बैरियर लगाए गए थे। अब बैरियर तो हैं, लेकिन कोई रोकटोक नहीं है। कर्मचारी तक नहीं तैनात है। बाहरी श्रद्धालु अपने वाहनों या फिर सवारी वाहनों से हाथी पुल के पास उतरते हैं। वहां से सीसीआर भवन के आगे या पीछे से होकर हरकी पैड़ी पहुंचते हैं। इस दौरान उनको कोई पुलिस कर्मी तक मास्क नहीं पहनने पर रोकता है। हरकी पैड़ी पहुंचने वाले अधिकतर श्रद्धालु सीसीआर भवन के पास और हरकी पैड़ी पुलिस चौकी रोड से आते-जाते हैं। दूसरी लहर में दोनों प्रवेश एवं निकासी द्वारों पर स्वास्थ्य विभाग की थर्मल स्क्रेनिंग और रैंडम सैंपलिंग होती थी। लेकिन अब कहीं चेकिंग और सैंपलिंग नहीं हो रही है।
हरकी पैड़ी और आसपास में कहीं कोई पुलिस कर्मी नजर नहीं आया। मालवीय द्वीप पर पुलिस का वॉच टावर बना है। टावर में पुलिस कर्मी निगरानी के लिए जरूर नजर आए, लेकिन कोविड नियमों की अनदेखी पर रोकने और टोकने वाले पुलिस कर्मी ढूंढने से नहीं मिले। 14 जनवरी को मकर संक्रांति के स्नान पर्व पर हरिद्वार न आने की अपील श्रद्धालुओं से एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने वीडियो के माध्यम से की है। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं को हरिद्वार आने पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हरकी पैड़ी समेत सभी गंगा घाटों पर स्नान प्रतिबंधित रहेगा।