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जागरूकता के लिए उत्तराखंड पुलिस की पहल: 1.75 लाख छात्रों से जुड़े डीजीपी, साइबर ठगी से बचाव के बताए तरीके
Thu, 27 Aug 2026 10:28 PM IST
Alka Tyagi
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: Alka Tyagi
Updated Thu, 27 Aug 2026 10:28 PM IST
सार
कार्यक्रम में डीजीपी ने छात्रों के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। बच्चों और युवाओं को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक और सतर्क रहना होगा।
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बच्चों से वर्चुअल संवाद करते डीजीपी दीपम सेठ
- फोटो : सूचना विभाग
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विस्तार
डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराधों को लेकर उत्तराखंड पुलिस ने स्कूली छात्रों को जागरूक करने की पहल शुरू की है। बृहस्पतिवार को राज्यव्यापी वर्चुअल साइबर जागरूकता कार्यक्रम में प्रदेश के 1100 से अधिक राजकीय स्कूलों के करीब 1.75 लाख छात्र-छात्राएं जुड़े। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर साइबर अपराध, सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सुरक्षित इस्तेमाल के टिप्स दिए।
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राजकीय नवोदय विद्यालय तपोवन, नालापानी स्थित आईसीटी वर्चुअल क्लासरूम स्टूडियो से आयोजित कार्यक्रम में डीजीपी ने छात्रों के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। बच्चों और युवाओं को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक और सतर्क रहना होगा। उन्होंने छात्रों से तकनीक का इस्तेमाल शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार के लिए करने की अपील की।
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कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा के साथ एआई, डीपफेक, डिजिटल अरेस्ट, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन उत्पीड़न, सेक्सटॉर्शन, फर्जी प्रोफाइल और ऑनलाइन गेमिंग जैसे विषयों पर जानकारी दी गई। अधिकारियों ने छात्रों को सलाह दी कि किसी भी फोटो, वीडियो या सूचना को सत्यापित किए बिना आगे न भेजें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
डीजीपी ने कहा कि विद्यार्थियों की मांग पर अब राजकीय स्कूलों में नियमित रूप से साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति और सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साइबर वित्तीय ठगी होने पर तत्काल 1930 पर सूचना देने या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करने की अपील की गई।