गढ़वाल के लाल योगी आदित्यनाथ के दोबारा मुख्यमंत्री बनने पर यमकेश्वर और कोटद्वार समेत समूचे गढ़वाल में खुशी की लहर छा गई है। उत्तराखंड के पौड़ी जिले के यमकेश्वर विकासखंड के पंचूर गांव में जन्मे योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को जैसे ही उत्तर प्रदेश के 33वें मुख्यमंत्री की शपथ ली, वैसे ही उनके पैतृक गांव पंचूर में परिजन और ग्रामीण झूम उठे।
योगी आदित्यनाथ की जन्मभूमि में जश्न: दूसरी बार बेटे की सीएम पद पर ताजपोशी से मां उत्साहित, भावुक हुई बहन ने किया भाई से यह अनुरोध
योगी आदित्यनाथ की बहन शशि अपने भाई को दोबारा सीएम बनता देख बहुत खुश है। उन्होंने एक इच्छा जाहिर की है। गढ़वाली बोली में उन्होंने भाई से एक अनुरोध किया है। वह चाहती हैं कि योगी आदित्यनाथ एक बार घर आएं। मां बहन और भाइयों से मिले। उसके बाद वह फिर अपना कामकाज देखें। वहीं योगी आदित्यनाथ की मां सावित्री देवी ने अपने बेटे के लिए प्रार्थना की। और कहा कि वह हमेशा ऐसे ही अच्छा काम करेगा और लोगों से खूब प्यार और सम्मान पाएगा। योगी आदित्यनाथ की 84 वर्षीय मां सावित्री देवी को विश्वास है कि वह यूपी को उत्तम प्रदेश बनाएंगे
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यूपी के सीएम के पैतृक गांव पंचूर में ढोल-दमाऊं की थाप पर ग्रामीण झूमे। उनकी बहन ने यूपी के लोगों को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यूपी ने जनता ने उनके भाई को जो प्यार दिया है, उसके लिए वह जनता की आभारी है। उनके भाई आगे भी अच्छा काम करेंगे और लोगों से किए वादों को पूरा करेंगे। कई वर्ष पहले वह संन्यास धारण कर गोरखपुर में ही रम चुके हैं। यमकेश्वर के पंचूर गांव में उनकी 84 वर्षीय माता सावित्री देवी के साथ ही अन्य तीन भाइयों मानवेंद्र, शैलेंद्र और महेंद्र का परिवार रहता है। उनकी तीन बहनों का विवाह हो चुका है। उनके पिता आनंद सिंह बिष्ट का कोरोनाकाल में दिल्ली में उपचार के दौरान अप्रैल 2020 में निधन हो गया था। उनका परिवार आज भी पहाड़ के अपने मूल गांव में निवास करता है।
शुक्रवार दिन में योगी आदित्यनाथ के शपथ-ग्रहण समारोह को देेखने के लिए यमकेश्वर के ग्रामीण अपने घरों में टीवी सेटों से चिपके रहे। जैसे ही योगी आदित्यनाथ को राज्यपाल ने शपथ दिलाई, वैसे ही यमकेश्वर के पंचूर गांव में लोग ढोल-दमाऊं के साथ घरों से बाहर निकलकर झूमने लगे। लोगों ने योगी आदित्यनाथ के घर पहुंचकर उनके परिजनों को बधाई दी। वर्ष 1994 में सन्यास धारण करने के बाद योगी आदित्यनाथ कई बार पार्टी के चुनाव प्रचार के लिए उत्तराखंड आए थे। वर्ष 1999 में वह छोटे भाई शैलेंद्र मोहन सिंह और वर्ष 2013 में वह सबसे छोटे भाई महेंद्र की शादी में शामिल होने के लिए गांव पहुंचे थे।
उनके पैतृक गांव पंचूर में ग्रामीणों ने उनके घर पर पहुंचकर परिजनों को बधाई दी। उनकी मां सावित्री देवी को लोग बधाईयां दे रहे हैं। वहीं यहां योगी आदित्यनाथ के समर्थक आतिशबाजियां करने के साथ ही मिठाइयां बांटी। पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर प्रखंड के पंचूर गांव में पांच जून वर्ष 1972 को जन्मे अजय मोहन सिंह बिष्ट वर्ष 1993 में संन्यास धारण कर योगी आदित्यनाथ बने।