बेटे के सत्ता संभालने के बाद भी सीएम योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट उत्तराखंड में एक छोटे से गांव में ही रहते थे। वे कहते थे कि बेटे के पास यहां आने के लिए कम समय होता है। आज वे तो हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन हम आपको बताते हैं उनके पिता के जीवन के बारे में खास बातें...
साल 2017 में जब उनकी बेटे से मिलने की इच्छा हुई तो वे सीधे योगी आदित्यनाथ से मिलने नजीबाबाद में एक कार्यक्रम में पहुंच गए। पिता को वहां अचानक देखकर सीएम योगी चौंक गए। वहीं वे उन्हें देखकर खुश भी हु़ए। उन्होंने पिता को देखा तो शाल ओढ़ाकर उनका स्वागत किया। यह देख पिता की आंखें नम हो गईं। वहीं सीएम योगी भी उन्हें देख भावुक हो गए थे।
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ समेत उनके चार बेटे और तीन पुत्रियां हैं। सबसे बड़ी तीन बेटियां पुष्पा देवी, कौशिल्या देवी और शशिदेवी हैं। इसके बाद बड़ा बेटा मानवेंद्र सिंह है। दूसरे नंबर पर योगी आदित्यनाथ (अजय मोहन सिंह बिष्ट) हैं। तीसरे बेटे शैलेंद्र मोहन भारतीय सेना में सूबेदार के पद पर सेवारत हैं। चौथा सबसे छोटा पुत्र महेंद्र बिष्ट पत्रकारिता में हैं।
सीएम योगी जितने साधारण हैं उतने ही साधारण उनके पिता भी थे। भले ही उनका बेटा सीएम बन गया लेकिन उन्हें अपने गांव से बेहद लगाव था। सबसे खास बात यह है कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद योगी के परिजनों ने अपना पैतृक गांव नहीं छोड़ा।
रेंज अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त सीएम योगी के 80 वर्षीय पिता आनंद सिंह बिष्ट अपने पूरे परिवार के साथ गांव में ही रहते थे। योगी के यूपी के सीएम बनते ही यमकेश्वर विकासखंड का पंचूर गांव भी वीआईपी गांवों में शुमार हो गया है।