एनएच 74 के मुआवजा घोटाले की सीबीआई जांच के संबंध में आए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के पत्र से शासन में खासी खलबली मच गई है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत एनएचएआई के बचाव में आ गए। क्या कहना है उनका, पढ़ें...
बता दें कि अमर उजाला ने एनएच घोटाले को लेकर गडकरी के पत्र का खुलासा किया था। इस पत्र की सत्ता के गलियारों में मंगलवार को खूब चर्चा रही। इस दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में केंद्रीय मंत्री के पत्र आने की पुष्टि की। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस घपले से एनएचएआई का कोई लेना देना नहीं है।
सीएम ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने पत्र में मामला उत्तराखंड के राजस्व अधिकारियों से जुड़ा होने की बात कही है। एनएचएआई के अफसरों ने वैसा ही किया जैसा राजस्व अफसरों ने कहा। सीएम ने पत्र का हवाला देते हुए उसमें सीबीआई जांच से अफसरों के मनोबल पर प्रतिकूल असर पड़ने की बात को भी स्वीकार किया।
उधर, इस पत्र को लेकर चर्चा गरमाई रही। राजनीतिक दलों के बीच जहां आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला, वहीं नौकरशाहों के बीच भी इस पत्र के मजमून को जानने की होड़ सी दिखी। सचिवालय में ज्यादातर अधिकारी इस पत्र की खोजबीन में लगे रहे।
विभागों और अनुभागों में भी सीबीआई जांच को लेकर तमाम कयास लगाए जाते रहे। सोशल मीडिया पर अमर उजाला की कटिंग के साथ तमाम लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए।