मुनस्यारी और धारचूला क्षेत्र में सोमवार रात भी अतिवृष्टि ने जमकर तबाही मचाई। इससे मुनस्यारी के बलाती फार्म के वन पंचायत की भूमि में दरार आ गई। फार्म की एक हेक्टेयर भूमि मलबे से पट गई है। मुनस्यारी क्षेत्र में हुए नुकसान की वजह बादल फटना बताया जा रहा है, लेकिन जिला प्रशासन बादल फटने की बात से साफ इनकार कर रहा है।
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उत्तराखंड: पिथौरागढ़ में बादलों ने बरपाया कहर, बलाती फार्म के पास बादल फटा, जन-जीवन अस्त-व्यस्त
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धारचूला/मुनस्यारी/मदकोट/सितारगंज (पिथौरागढ़)
Updated Wed, 04 Jul 2018 09:13 AM IST
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बलाती में बादल फटा
- फोटो : amar ujala
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डीएम सी रविशंकर और मुनस्यारी एसडीएम केएन गोस्वामी का कहना है कि बलाती में आई आपदा को सीधे तौर पर बादल फटना नहीं कहा जा सकता है। इसके कुछ मानक हैं। फार्म क्षेत्र में मूसलाधार बारिश जरूर हुई है। इसे भारी बारिश कहा जा सकता है। वहीं, बलाती फार्म के इंचार्ज मोहन सिंह मेहता ने आपदा कंट्रोल रूम में दिए पत्र में बादल फटने का जिक्र किया है। गौरतलब है कि फार्म के ऊपर में जिस तरह से पहाड़ी दरकी है, मलबा फार्म में पटा है, उससे बादल फटने के लक्षण दिखाई देते हैं।
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उद्यान विभाग के फार्म में बोए गए 50 क्विंटल आलू की फसल चौपट हो गई है। मुनस्यारी के मालूपाती में सोमवार शाम करीब 6 बजे हरकोट के नाले में विशन राम बह गए। एसडीएम केएन गोस्वामी ने रेस्क्यू के लिए पांच सदस्यीय टीम भेजी है। खबर लिखे जाने तक रेस्क्यू नहीं किया जा सका था। इधर, ऊधमसिंह नगर जिले के सितारगंज में दो दिन से लगातार हो रही बारिश तीन घरों पर कहर बनकर टूटी। सोमवार रात मकान ढहने से घर में सोया एक परिवार दब गया, जिन्हें आसपास के लोगों ने बमुश्किल बचाया।
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धारचूला से 50 किमी दूर हिमखोला (नारायण आश्रम के पास) में ग्लेशियर से निकलने वाले हिमखोला धार का जलस्तर बढ़ने से उमेद राम, शंकर राम, सुरेश राम, जबकि सिमखोला में जीवन बुदियाल, कुसमति बुदियाल समेत चार लोगों के मकान बह गए। इन परिवारों ने खतरे की आशंका को देखते हुए पहले ही घर छोड़ दिए थे, जिससे जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। दूरस्थ इलाका होने और संचार की कोई सुविधा न होने से घटना का ब्योरा नहीं मिला है। वहीं, खतरे की जद में आए मदकोट के 78, जौलजीबी के 29 और गलाती के 25 परिवारों ने घर छोड़ दिया है। मुनस्यारी के तोमिक गांव के पेना तोक में 15 मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। मदकोट के ही सिरतोला में चट्टान खिसकने 7 परिवार खतरे की जद में हैं। मदकोट में केएमवीएन की टीआरसी में 10 फीट मलबा भर गया है। मदकोट पुलिस चौकी में चारों ओर से मलबा घुसा है।
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नजंग की पुलिया बहने से बौलायर गाड़ में आदि कैलाश के चार और कैलाश मानसरोवर यात्रियों के पहले दल के दो सदस्यों समेत 50 लोग फंसे हैं। पहले दल के ये दो यात्री कैलाश यात्रा पूरी करने के बाद आदि कैलाश के दर्शन के लिए चले गए थे। बौलायर गाड़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए पांगला से आईटीबीपी, एसडीआरएफ, पुलिस और लोनिवि की टीम रवाना हो गई है जो नजंग के नीचे से रास्ता बनाकर इन लोगों को निकालेगी। पिथौरागढ़ जिले में सोमवार से बंद 26 सड़कों में से 10 को खोल दिया गया है। डीएम सी रविशंकर ने बताया है कि मुनस्यारी, धारचूला, बंगापानी क्षेत्र में बंद सड़क और पैदल मार्ग को खोलने का काम तेजी से किया जा रहा है।