डग्गामारी के खिलाफ करीब पांच सौ निजी बसों का चक्काजाम रहा। बसों का संचालन ठप होने से यात्री हलाकान रहे। जानिए, क्या हैं उनकी मांगे...
निजी बसों के चक्काजाम से देहरादून हलकान, 500 बसों का संचालन ठप
डग्गामारी के खिलाफ शुक्रवार को जनपद की करीब पांच सौ निजी बसों का चक्काजाम रहा। बसों का संचालन ठप होने से यात्री हलाकान रहे। बसें न मिलने से किसी का स्कूल लेट हो गया, तो किसी का ऑफिस। शहर में यात्रियों को विक्रम-ऑटो और विकासनगर-डाकपत्थर रूट पर लोडर, ट्रैक्टर का सहारा लेना पड़ा। आरटीओ में बसें खड़ी कर धरना दे रहे बस संचालकों को मनाने अपर परिवहन आयुक्त सुनीता सिंह भी आरटीओ पहुंचे, लेकिन वो नहीं माने। शाम चार बजे आयुक्त कार्यालय में हुई वार्ता भी बेनतीजा रही। संचालकों ने सचिव स्तर पर वार्ता न होने और डग्गामारी पर लगाम न कसने तक बेमियादी हड़ताल का एलान किया।
जिले में डग्गामारी और शहर में विक्रम के परमिट नियमों के विपरीत संचालन के खिलाफ शुक्रवार को शहर की करीब 260 सिटी बसों और विकासनगर-डाकपत्थर रूट की 240 बसों का संचालन ठप रहा। डाकपत्थर, कुल्हाल, विकासनगर आदि जगह जाने वाले लोगों काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। विकासनगर के लिए बस का इंतजार कर रही शगुन ने बताया कि उन्हें बसों की हड़ताल की जानकारी नहीं थी। बताया कि वहां तहसील में कुछ जरूरी काम था, लेकिन हड़ताल की वजह से वह नहीं जा पाई। विपिन जोशी ने बताया कि आईएसबीटी से राजपुर रोड तक आने के लिए जहां एक सिटी बस मिल जाती थी। वहीं दो-दो विक्रम बदलने पड़े। वो भी कई घंटे इंतजार करने के बाद मिले। इस वजह से कार्यालय पहुंचने में भी देर हो गई। ऐसे ही हजारों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
महानगर सिटी बस सेवा महासंघ एवं डाकपत्थर विकासनगर बस यूनियन के पदाधिकारी शुक्रवार को आरटीओ सुधांशु गर्ग और एआरटीओ अरविंद पांडेय से वार्ता करने पहुंचे। अफसरों और बस संचालकों में नोकझोंक व हंगामे की सूचना पाकर अपर परिवहन आयुक्त सुनीता सिंह भी पहुंच गई। उन्होंने खुद पदाधिकारियों से वार्ता की। हालांकि दो घंटे बाद भी जब बात नहीं बनी तो अपर परिवहन आयुक्त ने बस संचालकों को शाम चार बजे परिवहन आयुक्त कार्यालय बुलाया। शाम को हुई बैठक में भी कोई नतीजा नहीं निकला। सिटी बस महासंघ के अध्यक्ष विजय वर्धन डंडरियाल ने बताया कि वार्ता में कोई हल निकल पाया। सचिव स्तर पर वार्ता के बाद ही कोई फैसला होगा। आज शनिवार को भी हड़ताल जारी रहेगी।
वार्ता के दौरान सिटी बस संचालकों ने ई-रिक्शा के अवैध संचालन पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने ई-रिक्शा के रूट निर्धारित करने के बाद ही पंजीकरण करने की मांग की। इस पर आरटीओ सुधांशु गर्ग ने संभागीय निरीक्षक आलोक कुमार गुप्ता को जल्द रूट निर्धारित करने और तब तक पंजीकरण न करने के निर्देश दिए।