उत्तराखंड चारधाम यात्रा पर निकले जिस यात्री दल का वाहन ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्घटनाग्रस्त होकर अलकनंदा नदी में समा गया, उस हादसे में घायल हुईं महाराष्ट्र की रहने वालीं अमिता सोनी ने हादसे का वो खौफनाक मंजर बयां किया।
डबडबाई आंखों से उन्होंने बताया कि वर्षों बाद सब मिलकर उत्तराखंड चारधाम यात्रा पर जाने की योजना से बेहद खुश थे, लेकिन बदरीनाथ धाम पहुंचने से पहले ही यह दुखद हादसा हो गया।
हमारा पूरा दल 16 जून को हरिद्वार पहुंच गया था। वहां से हमनें एक बस बुक की और 17 जून को हरिद्वार से अपनी यात्रा शुरू की। वाहन में चाचा, ताऊ, मामा-फूफा के परिवार के 18 सदस्य, एक टूर गाइड और चालक सहित कुल 20 लोग सवार थे। दल में सात साल से लेकर 77 साल तक के लोग थे। दल के ज्यादातर सदस्यों के लिए यह उत्तराखंड चारधाम की पहली यात्रा थी।
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अलकनंदा नदी में गिरी यात्रियों की बस
- फोटो : अमर उजाला
हमने पहले गंगोत्री के दर्शन किए और फिर यमुनोत्री पहुंचे। हंसते-गाते हुए हम लोग पड़ावों पर रुक-रुककर अपनी यात्रा में आगे बढ़ रहे थे। बीते सोमवार को सभी केदारनाथ यात्रा के लिए सोनप्रयाग पहुंचे।
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अलकनंदा नदी में गिरी यात्रियों की बस
- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को गौरीकुंड से केदारनाथ पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन किए। बुधवार देर शाम रुद्रप्रयाग पहुंचे और एक होटल में ठहरे। बृहस्पतिवार सुबह सभी समय पर उठ गए। नहाने के बाद लगभग सात बजे हमारा वाहन बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हो गया था।
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अलकनंदा नदी में गिरी यात्रियों की बस
- फोटो : अमर उजाला
चालक बहुत अच्छे से वाहन चला रहा था। इस दौरान सभी लोग भजन-कीर्तन गाते हुए यात्रा के लिए उत्साहित थे। तभी अचानक वाहन अनियंत्रित हुआ और सब लोग चिल्लाने लगे। पलक झपकते ही वाहन पहले खाई में और फिर नदी में गिर गया था।
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अलकनंदा नदी में गिरी यात्रियों की बस
- फोटो : अमर उजाला
पता ही नहीं चला क्या हुआ, अपने को सीधे खाई में पत्थरों के बीच पाया। वहीं, एक अन्य घायल भावना ने बताया कि वाहन चालक ने दूसरी तरफ से आ रहे एक वाहन को बचाने का प्रयास किया, तभी यह हादसा हो गया।