बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के दौरान भगवान बदरीविशाल को विशेष घृत कंबल से लपेटा जाएगा। सदियों पुरानी इस परंपरा के अनुसार माणा गांव की कन्याएं और सुहागिन इस घृत कंबल को तैयार करती हैं।
घृत कंबली में छह माह तक कंबल में विराजमान रहते हैं भगवान बदरीश
प्रदीप भंडारी, अमर उजाला, बदरीनाथ
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sun, 17 Nov 2019 04:49 PM IST
सार
- महाप्रसाद के रूप में बंटता है कंबल
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