हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक वसंत पंचमी का पर्व आज (रविवार) मनाया जाएगा। इस दिन मां सरस्वती की पूजा करने से विशेष लाभ मिलता है। स्कूल-कॉलेजों में मां सरस्वती की पूजा की जाती है। शहरभर में कार्यक्रमों की धूम रहेगी।
2 of 6
सरस्वती पूजा
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
आचार्य संदीप कोटनाला ने बताया कि रविवार (आज) का पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह सात बजकर चार मिनट से दोपहर 2:15 तक रहेगा। बसंत पंचमी को मां सरस्वती की जयंती भी कहा जाता है। मां सरस्वती संपूर्ण ज्ञान की स्वामिनी है। पुराणों में बसंत पंचमी को ज्ञान पंचमी एवं श्री पंचमी भी कहा जाता है।
मान्यता है कि इस दिन मां सरस्वती की पूजा करने से सुख, समृद्धि और कल्याण की प्राप्ति होती है। इस दिन पीले वस्त्र धारण किए जाते है। स्कूलों व कॉलेजों में शिक्षक और छात्र मां सरस्वती की पूजा करते हैं। इस दिन किसी भी नए कार्य का शुभारंभ किया जा सकता है।
सुबह स्नान कर पवित्र आचरण, वाणी के संकल्प के साथ माता सरस्वती की पूजा करें। पूजा में गंध, अक्षत (चावल) के साथ खासतौर पर सफेद और पीले फूल, सफेद चंदन तथा सफेद वस्त्र देवी सरस्वती को चढ़ाएं।
प्रसाद में पीले चावल, खीर, दूध, दही, मक्खन, सफेद तिल के लड्डू, घी, नारियल, शक्कर और मौसमी फल चढ़ाएं। इसके बाद माता सरस्वती से अपने लिए और अपने बच्चों की बुद्धि और कामयाबी की कामना करें। घी के दीप जलाकर आरती करें... ऐं सरस्वत्यै नम: इस मंत्र का 108 बार पाठ करना चाहिए।