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जून के महीने में बाबा केदार के धाम में जो हुआ उससे मिल रहे बड़े खतरे के संकेत, तस्वीरों में देखिए...

Thu, 07 Jun 2018 06:50 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग Updated Thu, 07 Jun 2018 06:50 AM IST
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Bad Sign for kedarnath dham after brahma kamal blossom in june month
kedarnath dham - फोटो : amar ujala

बाबा केदार के धाम में जून के महीने में हुआ है उससे बुरे संकेत मिल रहे हैं। देखिए...

Bad Sign for kedarnath dham after brahma kamal blossom in june month
brahma kamal

केदारनाथ धाम में पुलिस की ब्रह्मवाटिका में राज्य पुष्प ब्रह्मकमल समय से करीब डेढ़ माह पूर्व ही खिल गया है। यहां वाटिका में 42 फूल खिले हुए हैं, जिनमें कुछ पुष्प अपना पूरा आकार ले चुके हैं। शेष पौधे भी पूरी तरह सुरक्षित हैं। समुद्रतल से 16000 फीट की ऊंचाई पर पाए जाने वाले राज्य पुष्प ब्रह्मकमल पर ग्लोबल वार्मिंग का असर साफ दिखाई देने लगा है। आपदा के बाद मध्य हिमालय के मौसम और तापमान में आए परिवर्तन के कारण राज्य पुष्प अपने समय से काफी पहले खिल रहा है।
 

Bad Sign for kedarnath dham after brahma kamal blossom in june month
brahma kamal

खास बात यह है कि यह पुष्प अपने मूल स्थान से करीब पांच हजार फीट नीचे केदारनाथ में भी मई माह के तीसरे सप्ताह में खिल चुका है, जबकि वासुकीताल, दुग्ध व मधु गंगा सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इसकी पौध बमुश्किल से दो से तीन इंच तक पनप पाई है। केदारनाथ में पुलिस द्वारा स्थापित ब्रह्मवाटिका में इस वर्ष 20 मई को ब्रह्मकमल के करीब दर्जनभर पौधों में पुष्प की कली खिल गई थी, जो हफ्ते भर पहले पुष्प के रूप में अपना पूरा आकार ले चुकी है। यहां ब्रह्मकमल के 42 पुष्प खिले हुए हैं। इसके अलावा वाटिका में 168 पौधों में कुछ तेजी से बढ़ रहे हैं। यही नहीं, ब्रह्मकमल के साथ यहां वाटिका में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मिलने वाली घास व अन्य प्रजातियों की पौध भी हरीभरी है, साथ ही भृंगराज के कई पौधे भी खिले हुए हैं।

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Bad Sign for kedarnath dham after brahma kamal blossom in june month
brahma kamal

केदारनाथ में राज्य पुष्प के अपने मूल समय से करीब डेढ़ माह पूर्व खिलना पारिस्थितिकीय तंत्र के हिसाब से शुभ नहीं है। समुद्रतल से 16 हजार फीट की ऊंचाई पर उगने वाले पौधे का चार हजार से अधिक फीट नीचे उगना कई सवाल पैदा कर रहा है। बीते चार वर्षों से ब्रह्मकमल पर शोध कर रहे शोधार्थी प्रभाकर सेमवाल बताते हैं कि आपदा के बाद से ब्रह्मकमल की पौध के उगने और पुष्प खिलने के समय में परिवर्तन आया है।

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Bad Sign for kedarnath dham after brahma kamal blossom in june month
brahma kamal

केदारनाथ में तापमान एक समान नहीं रहता है। ऐसे में इस पुष्प के जीवन चक्र को देखना भी महत्वपूर्ण होगा। इधर, हैप्रेक के वैज्ञानिक डा. विजयकांत पुरोहित और डा. बीएस मिंगवाल के अनुसार ब्रह्मकमल का अधिक तापमान वाले स्थान पर समय से पूर्व खिलना वृहद अध्ययन का विषय है। वहां के हालातों का जायजा लेकर ही इस पुष्प के भविष्य को लेकर कुछ कहा जा सकता है।

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