उत्तराखंड में तीन दिनों से हो रही भारी बर्फबारी के बाद आज खिली धूप के कारण धराली व जांगला के बीच गंगोत्री हाईवे पर हिमस्खलन हो गया जिससे गंगोत्री हाईवे खोलने का कार्य प्रभावित हो गया है। हालांकि घटना में किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन मौसम में आए बदलाव के चलते ऊंचाई वाले इलाकों में एवलांच का खतरा बढ़ गया है।
भारी बर्फबारी के कारण अवरुद्ध गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे सहित एक दर्जन संपर्क मोटर मार्गों पर अभी तक यातायात बहाल नहीं हो सका है। हालांकि जिला प्रशासन ने उक्त सभी सड़कों पर देर शाम तक यातायात सुचारू करने का दावा किया है।
मोरी-नैटवाड़, सांकरी-जखोल, नैटवाड़-सेवा, मुसाइ-सुट्टा, टिकोची-दुचाणु, किराणु-सिरतोली, बर्नीगाड-कफनौल, जानकीचट्टी-खरसाली, फूलचट्टी-जानकीचट्टी, बड़ेथी-बनचौरा, धरासू-जोगत, हर्षिल-मुखबा, कमद-अयांरखाल सहित कुल 12 संपर्क मोटर मार्ग पर भी यातायात बहाल नहीं हो पाया है।
जिन सड़कों पर बर्फ हटाकर यातायात बहाल किया गया है, वहां पाले व बर्फ से फिसलन भरी सड़कों पर वाहनों की आवाजाही जोखिम भरी बनी हुई है। हालांकि जिला प्रशासन के अनुसार यमुनोत्री हाईवे सहित सभी 12 संपर्क मार्गों को बृहस्पतिवार देर शाम तक खोल दिया जाएगा। गंगोत्री हाईवे से बर्फ हटाकर हर्षिल तक भी यातायात सुचारु कर दिया जाएगा, लेकिन हर्षिल से गंगोत्री धाम तक के मार्ग को खोलने में अभी कुछ दिनों का समय लगेगा।
चोपता व बनियाकुंड में फंसे 84 पर्यटकों को डीडीआरएफ (जिला आपदा राहत बल) व पुलिस ने रेस्क्यू किया। अभी भी वहां, 20 से अधिक पर्यटक के फंसे हुए हैं, जिन्हें शुक्रवार को रेस्क्यू किया जाएगा। थानाध्यक्ष होशियार सिंह पंखोली के नेतृत्व में 10 सदस्यीय पुलिस दल सुबह बनियाकुंड पहुंचा। यहां डीडीआरएफ के जवानों की मदद से पुलिस द्वारा तीन दिन से यहां फंसे हुए मुंबई के 30 सदस्यीय दल, जिसमें स्कूली बच्चे शामिल हैं, के अलावा 30 अन्य पर्यटक, जो चंड़ीगढ, हरियाणा और देहरादून के हैं, को रेस्क्यू किया गया।