भगवान के 24 अवतारों में एक हयग्रीव अवतार के रूप में घोड़े की पूजा की जाती है। ज्योतिषों के अनुसार घोड़े की लगाम कसने से मतलब अपनी सभी इंद्रियों पर काबू पा लेना है। लेकिन 'शक्तिमान' की मूर्ति हटवाना कुछ और ही संकेत दे रहा है।
घोड़े की प्रतिमा हटाना अशुभ, 'शक्तिमान' छीन लेगा रावत से सत्ता की लगाम!
2 of 8
astrology on removing police horse shaktiman statue
- फोटो : amar ujala
राजनीति के नजरिए से राजा (मुख्यमंत्री) के लिए अपने सभी मंत्रियों, विधायकों की लगाम हाथ में होना एक राज्य की बेहतरी का प्रतीक होता है। प्रतिमा हटाने से मतलब शासक के हाथ से लगाम छूटना है।
घोड़े की प्रतिमा हटाना अशुभ, 'शक्तिमान' छीन लेगा रावत से सत्ता की लगाम!
3 of 8
astrology on removing police horse shaktiman statue
- फोटो : amar ujala
समुद्र मंथन के दौरान निकले 14 रत्नों में एक रत्न घोड़ा उच्चैश्रवा भी है, जिसे राजा बलि को दे दिया गया था। भगवान के 24 अवतारों में एक हयग्रीव अवतार है, जो घोड़े के रूप में है। हिंदू धर्म में हयग्रीव रूप में इस अवतार की पूजा की जाती है।
घोड़े की प्रतिमा हटाना अशुभ, 'शक्तिमान' छीन लेगा रावत से सत्ता की लगाम!
4 of 8
astrology on removing police horse shaktiman statue
उत्तराखंड विद्वत सभा के पूर्व उपाध्यक्ष आचार्य भरत राम तिवारी के अनुसार जो शासक घोड़े को काबू में कर लेता है वह अपनी प्रजा पर राज करता है। वह हर काम में विजय पाता है।
घोड़े की प्रतिमा हटाना अशुभ, 'शक्तिमान' छीन लेगा रावत से सत्ता की लगाम!
5 of 8
police horse shaktiman statue
- फोटो : अमरउजाला
राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो घोड़े पर काबू करने वाला राज्य का राजा (मुख्यमंत्री) अपने मंत्री और विधायकों की पकड़ अपने हाथ में रखता है, एकजुट रखता है।