शिवालय में शिवलिंग के साथ जलेरी (शिवलिंग पर अर्पित जल या दूध की निकासी का मार्ग) होना आम बात है, लेकिन भोलेनाथ का एक मंदिर ऐसा भी है जहां जलेरी नहीं है। जाखणीधार क्षेत्र के प्राचीन देवलसारी महादेव मंदिर में कुदरत का ऐसा अनोखा चमत्कार देखने को मिलता है। जलेरी नहीं होने से इस मंदिर की आधी नहीं, बल्कि पूरी परिक्रमा की जाती है।
भगवान शिव के इस मंदिर में होती है पूरी परिक्रमा, पूजा के बाद 'गायब' हो जाता है चढ़ाया हुआ जल
गंगादत्त थपलियाल, अमर उजाला, नई टिहरी
Published by: अलका त्यागी
Updated Wed, 19 Feb 2020 02:45 PM IST
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